‘मैं ठीक हूं, CJP प्रोटेस्ट में जाने दो’… सोनम वांगचुक ने सफदरगंज अस्पताल को लिखा पत्र

एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने 20 जुलाई सोमवार को सफदरजंग अस्पताल के अधिकारियों को पत्र लिखा. उन्होंने कहा कि उनकी तबीयत बिल्कुल ठीक है. उन्होंने अस्पताल से कुछ देर के लिए बाहर जाने की इजाजत मांगी है, ताकि वे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद तक निकलने वाले ‘संसद चलो’ मार्च में शामिल हो सकें. वांगचुक ने लिखा, “मैं ये बताना चाहता हूं कि आज मैं बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूं और मेरी सेहत से जुड़े पैरामीटर भी बिल्कुल सामान्य हैं.
उन्होंने कहा कि इसलिए, मैं आपसे गुजारिश करता हूं कि मुझे अस्पताल से जाने की इजाजत दें, भले ही कुछ समय के लिए, ताकि मैं आज सुबह संसद तक होने वाले मार्च, ‘संसद चलो’ में शामिल हो सकूं.” उन्होंने आगे कहा, “मैं आपका बहुत आभारी रहूंगा.”
उनकी सेहत ठीक है
सोशल मीडिया पर लेटर शेयर करते हुए उन्होंने सवाल किया कि अगर पुलिस का कहना है कि एक्टिविस्ट को हिरासत में नहीं लिया गया है, तो उनके आने-जाने पर रोक क्यों लगाई गई है? उनके सोशल मीडिया हैंडल पर एक मैसेज में लिखा था, “सोनम वांगचुक आप सबसे मिलने की बहुत कोशिश कर रहे हैं. अभी हॉस्पिटल को एक लेटर दिया है क्योंकि उनकी सेहत ठीक है और उनका दावा है कि वो हिरासत में नहीं हैं. तो फिर रोक क्यों?”
डॉक्टरों की निगरानी में हैं वांगचुक
ये चिट्ठी सफदरजंग अस्पताल के अधिकारियों द्वारा मेडिकल अपडेट में यह बताए जाने के कुछ समय बाद आई कि वांगचुक के जरूरी मेडिकल पैरामीटर स्थिर हैं, जबकि उनके ब्लड पैरामीटर की बारीकी से क्लिनिकल निगरानी की जरूरत बनी हुई है. ताजा हेल्थ बुलेटिन में कहा गया, “सोनम वांगचुक को VMMC और सफदरजंग अस्पताल में पूरी मेडिकल देखभाल मिल रही है. उनके जरूरी मेडिकल पैरामीटर स्थिर हैं. ब्लड पैरामीटर की बारीकी से क्लिनिकल निगरानी की जरूरत बनी हुई है. वांगचुक लगातार मेडिकल देखरेख और विशेषज्ञों की एक मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम की कड़ी निगरानी में हैं.”
ये चिट्ठी वांगचुक के सरकारी अस्पताल में बने रहने को लेकर चल रहे गतिरोध के बीच भी आई है. उनकी पत्नी, गीतांजलि जे आंग्मो ने आरोप लगाया है कि परिवार के सदस्यों को भी एक्टिविस्ट से मिलने नहीं दिया जा रहा है. उनका दावा है कि उन्हें असल में पुलिस कस्टडी जैसी पाबंदियों के तहत रखा गया है.











