उत्तर छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट, रायगढ़ में जलभराव से घरों में घुसा पानी

छत्तीसगढ़ में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग ने उत्तर छत्तीसगढ़ के कई जिलों में अगले सात दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही रायपुर और सरगुजा संभाग के कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना भी जताई गई है। लगातार हो रही बारिश के चलते रायगढ़ शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
रायगढ़ में सोमवार सुबह हुई तेज बारिश के कारण पैठू डबरी, चंद्रनगर की नामदेव गली और वार्ड क्रमांक-18 सहित कई निचले इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया। कई घरों में बारिश का पानी घुसने से लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ, जबकि सड़कों पर जलभराव के कारण आवाजाही भी बाधित रही।
मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के उत्तर और मध्य हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि रायपुर और सरगुजा संभाग के कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हुई। प्रतापपुर में सर्वाधिक 110 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
हालांकि प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है, लेकिन पूरे मानसून सीजन में अब तक सामान्य से 24 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। एक जून से अब तक राज्य में कुल 307.2 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य औसत का लगभग 81.8 प्रतिशत है।
बारिश के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। प्रदेश का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 30.8 डिग्री सेल्सियस रायपुर में रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में दर्ज हुआ।
मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। वहीं उत्तर छत्तीसगढ़ के कई जिलों में अगले एक सप्ताह तक कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। विभाग ने गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी देते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
प्रदेश के विभिन्न संभागों में अब तक हुई बारिश के आंकड़ों में बिलासपुर संभाग सबसे आगे है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में सर्वाधिक 525.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा जांजगीर-चांपा और बिलासपुर में भी सामान्य से बेहतर वर्षा हुई है। रायपुर संभाग में महासमुंद, बलौदाबाजार, गरियाबंद और रायपुर में अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई है।
सरगुजा संभाग में बलरामपुर सबसे अधिक वर्षा वाला जिला रहा है, जबकि बस्तर संभाग में दंतेवाड़ा ने सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की है। वहीं दुर्ग संभाग में राजनांदगांव में अब तक सबसे कम वर्षा हुई है।
लगातार हो रही बारिश से प्रदेश में खरीफ फसलों की बुवाई को लाभ मिल रहा है। हालांकि कुछ जिलों में अब भी सामान्य से कम वर्षा होने के कारण कृषि कार्यों के लिए आने वाले दिनों की बारिश महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने और बिजली गिरने की आशंका के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।











