हेरोइन और नशीली गोलियों के साथ 3 तस्कर गिरफ्तार, दुर्ग पुलिस ने लाखों का सामान किया जब्त

दुर्ग जिले में पुलिस ने गुरुवार को नशे के कारोबारियों के खिलाफ दो अलग-अलग कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें स्कूल-कॉलेज के पास हेरोइन बेचने वाला एक युवक और प्रतिबंधित नशीली टेबलेट बेचने की तैयारी कर रहे दो युवक शामिल हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 8.49 ग्राम हेरोइन, 300 प्रतिबंधित नशीली टेबलेट, दो मोबाइल फोन, एक मोटरसाइकिल, दो धारदार हथियार, 1,050 रुपये नकद समेत लाखों रुपये का सामान जब्त किया है।
स्कूल-कॉलेज के छात्रों को बेच रहा था हेरोइन
खुर्सीपार थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि भिलाई के आईटीआई मैदान के पास एक युवक युवाओं, खासकर स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों को हेरोइन बेच रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर कार्रवाई की।
भागने की कोशिश, पीछा कर पकड़ा
पुलिस को देखकर संदिग्ध भागने लगा, लेकिन जवानों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम जसराज सिंह (22), निवासी इंदिरा नगर, छावनी, भिलाई बताया।
हेरोइन, मोबाइल और बाइक जब्त
तलाशी के दौरान आरोपी के पास से 8.49 ग्राम हेरोइन, 1,050 रुपये नकद, दो मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल बरामद हुई।
एनडीपीएस एक्ट के तहत भेजा गया जेल
पुलिस ने जसराज सिंह के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं 8, 21(बी) और 27ए के तहत मामला दर्ज किया। न्यायालय में पेश करने के बाद उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
मैदान में नशीली टेबलेट बेचने की तैयारी कर रहे थे दो युवक
इसी दिन सिटी कोतवाली पुलिस को सूचना मिली कि गंजपारा स्थित प्रियंका बोरवेल्स के पीछे मैदान में दो युवक प्रतिबंधित नशीली टेबलेट बेचने की तैयारी कर रहे हैं। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस ने मौके पर दबिश दी।
300 नशीली टेबलेट और हथियार बरामद
पुलिस ने दोनों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से 300 प्रतिबंधित नशीली टेबलेट, दो धारदार हथियार, एक ओप्पो मोबाइल और एक आईफोन एसई-2020 जब्त किया गया। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 1.36 लाख रुपये आंकी गई है।
दोनों आरोपियों की हुई पहचान
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दिपेश उर्फ आयुषदीप (21) निवासी उत्कल कॉलोनी, गंजपारा और कृष्णा कुमार सेन (19) निवासी डिपरापारा, दुर्ग के रूप में हुई।
एनडीपीएस और आयुध अधिनियम के तहत कार्रवाई
सिटी कोतवाली पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(बी) और आयुध अधिनियम की धारा 25 के तहत मामला दर्ज किया। दोनों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।











