दिशा नागरिक क्रेडिट सोसाइटी घोटाला: कमलाकर असोले को नागपुर हाईकोर्ट से अंतरिम अग्रिम जमानत

नागपुर हाई कोर्ट ने खापरखेड़ा स्थित ‘दिशा नागरिक क्रेडिट सहकारी संस्था मर्यादित चिचोली’ में हुए कथित घोटाले के मामले में आरोपी बनाए गए कार्यकारी समिति के सदस्य कमलाकर गोविंदराव असोले को राहत प्रदान की।
सुनवाई के बाद न्यायाधीश प्रवीण पाटिल ने मामले की सुनवाई करते हुए उन्हें सशर्त अंतरिम अग्रिम जमानत दे दी। 1 अप्रैल 2017 से 31 मार्च 2022 की अवधि के लिए संस्था के ऑडिटर द्वारा रिपोर्ट तैयार की गई। इस रिपोर्ट के आधार पर संस्था की कार्यकारी समिति के सभी सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
बिना बताए निदेशक मंडल में शामिल
याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वकील ने अदालत को बताया कि 3 सितंबर 2025 को ऑडिटर द्वारा सभी सदस्यों को जो ‘कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, उसमें स्वयं ऑडिटर ने यह दर्ज किया था कि 13 सदस्यीय कार्यकारी समिति में से केवल 4 निदेशक ही वास्तव में संस्था का कामकाज देख रहे थे।
कमलाकर असोले ने 17 सितंबर 2025 को ऑडिटर को दिए गए अपने स्पष्टीकरण में कहा था कि उनके भाई ज्ञानेश्वर गोविंदराव असोले संस्था के संस्थापक सदस्य थे और उन्होंने (ज्ञानेश्वर ने) कमलाकर को बिना बताए उन्हें निदेशक मंडल में शामिल कर लिया था। कमलाकर ने अदालत को बताया कि उन्होंने कभी भी संस्था की किसी कार्यवाही में हिस्सा नहीं लिया। इसलिए वे कथित हेराफेरी में बिल्कुल भी शामिल नहीं है।
दिखाई नहीं देती संलिप्तता
सरकारी वकील ने तर्क दिया कि केस डायरी पढ़ने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी और इस स्तर पर आवेदक की दलीलें स्वीकार नहीं की जा सकतीं। कोर्ट ने ऑडिटर के नोटिस और आवेदक के स्पष्टीकरण पर विचार करने के बाद पाया कि प्रथम दृष्टया इस मामले में आवेदक की संलिप्तता नहीं दिखाई देती है। इसे देखते हुए अदालत ने गिरफ्तारी की स्थिति में कमलाकर असोले को 25,000 रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के एक जमानतदार पर रिहा करने का आदेश दिया।











