धर्मेंद्र प्रधान सिर्फ प्रतीक थे, अब पूरे सिस्टम की बारी’, इस्तीफे के बाद कांग्रेस का बड़ा हमला

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कांग्रेस ने सरकार पर बड़ा हमला किया है. कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कहा कि लड़ाई सिर्फ प्रतीक से नहीं रहेगी बल्कि सिस्टम से है, थी और रहेगी. उस सिस्टम से जिसने 21 जानों को लील लिया. ये वही सिस्टम है जिसके खिलाफ हम लड़ रहे हैं.

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि इस देश की युवा पीढ़ी ने साबित कर दिया है कि जुल्म की हजारों चोटों का सामना करने के लिए हिम्मत भरी एक आवाज ही काफी है. उन छात्रों को न सिर्फ खदेड़ा गया, उनपर लाठियां बरसाई गईं, आंसू गैस और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया गया, बल्कि पेलेट गन और शॉक बैटन का भी इस्तेमाल हुआ. इतना ही नहीं, हमने देखा कि उनके लिए आवाज उठाने वाले नेताओं को सड़कों पर घसीटा गया. हमने राहुल गांधी को घसीटे जाते देखा. हमने प्रियंका गांधी को घसीटे जाते देखा आप सबने यह देखा, लेकिन हमने उस अहंकार को दिन-ब-दिन, टुकड़े-टुकड़े होकर टूटते हुए देखा और आज इसका नतीजा यह हुआ है कि धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से हटा दिया गया है.

कांग्रेस नेता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से ये बातें कही. उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधते हुए आगे कहा कि ‘हम देश के युवाओं को बधाई देते हैं, उन्होंने भारत के शिक्षा मंत्री को बर्खास्त कर दिया है. धर्मेंद्र प्रधान केवल एक प्रतीक थे इस देश की बहुत निम्न स्तरीय शिक्षा प्रणाली के, इस देश की बेरोजगारी के, शिक्षा विभाग के भ्रष्टाचार के, पुलिस बर्बरता के और सरकारी संवेदनहीनता के प्रतीक थे. लड़ाई केवल प्रतीक से नहीं है, लड़ाई सिर्फ प्रतीक से नहीं रहेगी बल्कि सिस्टम से है, थी और रहेगी. उस सिस्टम से जिसने 21 जानों को लील लिया. ये वही सिस्टम है जिसके खिलाफ हम लड़ रहे हैं’.

जुल्म की हजार लाठियों पर हौसले की एक आवाज काफी’

उन्होंने आगे कहा, ‘जुल्म की हजार लाठियों पर भी हौसले की एक आवाज काफी होती है, ये साबित करके दिखाया है इस देश की नौजवान पीढ़ी ने. उन बच्चों को न केवल खदेड़ा गया, पीटा गया, आंसू गैस के गोले दागे गए, उनकी आवाज उठाने वाले नेताओं को सड़कों पर घसीटते हुए हमने देखा है. मैं उस सिस्टम की बात कर रहा हूं. देश की जेन-जी पीढ़ी ने, युवाओं ने अपने हौसले और साहस से देश की घमंडी सरकार को चूर-चूर कर दिया’.

20 जुलाई को हुई हिंसा के लिए जवाबदेही तय करना जरूरी’

पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ‘हमने पहले जो मांग उठाई थी और जो देश के युवाओं की भी मांग थी, उसे राहुल गांधी ने हर मंच पर उठाया. आज उस मांग का एक हिस्सा पूरा हो गया है, वह प्रतीक हट गया है, वह चेहरा हट गया है, लेकिन 20 जुलाई को हुई हिंसा के लिए जवाबदेही तय करना जरूरी है

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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