अस्मिता डे ने जूडो में भारत को पहली बार जिताया गोल्ड, दौड़ते-दौड़ते ऐसे बदली जिंदगी

कॉमनवेल्थ गेम्स में आखिरकार इतिहास रच दिया गया है. भारत की अस्मिता डे ने 48 किग्रा. वर्ग में गोल्ड मेडल जीत लिया. फाइनल में उन्होंने कनाडा की खिलाड़ी को हराया. उन्होंने सडन डेथ में ये जीत हासिल की. ये जीत इसलिए बहुत बड़ी है क्योंकि भारत को पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल मिला है.

अस्मिता डे ने ऐसे जीता CWG 2026 में गोल्ड

  • अस्मिता ने क्वार्टर फाइनल में स्कॉटलैंड की ईवा इविंग (Eva Ewing) को इप्पोन से हराया.
  • अस्मिता ने सेमीफाइनल में स्कॉटलैंड की समर शॉ को युको (1-0) से हराया.
  • अस्मिता ने फाइनल में कनाडा की हेइडी क्वैच को गोल्डन स्कोर में हराकर गोल्ड मेडल जीता.
  • इस जीत के साथ अस्मिता डे कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में जूडो में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय बन गईं.

अस्मिता डे का सफर

अस्मिता डे त्रिपुरा के बेलोनिया की रहने वाली हैं. वो जूडो खिलाड़ी बनने से पहले एथलीट थी. वो 800 मीटर में दौड़ती थीं. बाद में डिस्ट्रिक्ट ट्रायल के दौरान उनकी जूडो में दिलचस्पी जागी और उन्होंने इस खेल को अपना लिय. उन्होंने भोपाल के SAI रीजनल सेंटर में कोच यशपाल सोलंकी के मार्गदर्शन में ट्रेनिंग ली और वो टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) डेवलपमेंट ग्रुप का हिस्सा हैं

अस्मिता डे ने और क्या-क्या जीता?

  • अस्मिता डे इससे पहले 2025 में मोरक्को में हुए कैसाब्लांका अफ्रीकन ओपन में गोल्ड जीत चुकी हैं.
  • 2023 जूनियर एशिया कप में जो कि मकाऊ में आयोजित हुआ था वहां भी उन्होंने गोल्ड हासिल किया था.
  • 2023 में हुए एशियन ओपन में उन्होंने सिल्वर मेडल अपने नाम किया था.
  • खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में कई गोल्ड मेडल उन्होंने जीते हैं.
  • अस्मिता जूनियर नेशनल चैंपियन भी रही हैं.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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