10 मौतों के बाद जागा प्रशासन, मालिक और ठेकेदार पर FIR… भिवंडी ‘कोहिनूर’ इमारत हादसे में एक्शन, देखें मृतकों-घायलों की लिस्ट

महाराष्ट्र के भिवंडी स्थित गंगारामवाड़ी इलाके में चार मंजिला ‘कोहिनूर’ इमारत ढहने के दर्दनाक हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है. इस भीषण त्रासदी के बाद भिवंडी-निजामपुर नगर निगम की शिकायत पर स्थानीय पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए इमारत के मालिक और मरम्मत कार्य में जुटे ठेकेदार के खिलाफ संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है.

जानकारी के मुताबिक, भिवंडी-निजामपुर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के अनऑथराइज्ड कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट के प्रभारी असिस्टेंट कमिश्नर फैजल अब्दुल कय्यूम टाटली की शिकायत पर यह FIR दर्ज की गई है. पुलिस ने इमारत के मालिक बिलाल अहमद अबूबकर खान और पिलर की रिपेयरिंग का काम कर रहे ठेकेदार अशोक को मुख्य आरोपी बनाया है. आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता/आईपीसी की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या), 125(a)(b) (दूसरों की जान खतरे में डालना) और एमआरटीपी (MRTP) एक्ट की धारा 52 व 53 के तहत केस दर्ज किया गया है.

बिना अनुमति पिलर से छेड़छाड़ और घटिया निर्माण का आरोप

पुलिस और नगर निगम की शुरुआती जांच में कई बड़ी अनिमितताएं पाई गई हैं. इमारत मालिक पर बिना किसी प्रशासनिक अनुमति और स्ट्रक्चरल ऑडिट के घटिया दर्जे का निर्माण व रिपेयरिंग कराने का आरोप है. मरम्मत के दौरान इमारत के मुख्य पिलर से असुरक्षित तरीके से छेड़छाड़ की गई, जिससे पूरी इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई.

हादसे में जान गंवाने वाले 10 मृतकों और घायलों की सूची

इस दर्दनाक हादसे में अपनी जान गंवाने वाले 10 नागरिकों की पहचान हो चुकी है:

  • क्रिस कुमार (उम्र 41 वर्ष)
  • रंजीत सिंह (उम्र 32 वर्ष)
  • मिराज रसूल शेख (उम्र 34 वर्ष)
  • संतोष कुमार पांडे (उम्र 42 वर्ष)
  • शमीम अंसारी (उम्र 30 वर्ष)
  • राकेश पासवान (उम्र 30 वर्ष)
  • अशोक पासवान (उम्र 42 वर्ष)
  • मुकेश पासवान (उम्र 35 वर्ष)
  • श्यामजी मुराहू पाल (उम्र 48 वर्ष)
  • राधेश्याम कमलेश कुशवाहा (उम्र 46 वर्ष)

अस्पताल में भर्ती 3 घायल

हादसे में गंभीर रूप से घायल अभय कुमार यादव (24), दीपक कुमार यादव (25) और संगीता प्रजापति (36) का इलाज अस्पताल में जारी है.

अवैध निर्माणों और नगर निगम की ढिलाई पर उठे सवाल

10 बेगुनाहों की मौत के बाद भिवंडी शहर में नागरिकों का गुस्सा फूट पड़ा है. खतरनाक घोषित होने के बावजूद इमारत में काम कैसे चलता रहा, इसे लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है. शांतिनगर पुलिस स्टेशन की टीम मामले की गहनता से पड़ताल कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
close
Virus-free.www.avast.com