चेहरे ने नहीं दिया तकनीक का साथ! KYC के लिए शख्स ने अपनाया अनोखा जुगाड़, तेमजेन इम्ना के वीडियो ने उठाए तकनीक पर सवाल

टेक्नोलॉजी ने हमारी जिंदगी को काफी आसान बना दिया है. बैंकिंग से लेकर सरकारी कामकाज तक, आज कई जरूरी सर्विस ऑनलाइन हो चुकी हैं. लेकिन कई बार यही टेक्नोलॉजी लोगों के लिए परेशानी की वजह भी बन जाती है. नागालैंड के मंत्री तेमजेन इम्ना अलोंग ने सोशल मीडिया पर ऐसा ही एक मजेदार वीडियो शेयर किया है, जिसने हंसाने के साथ-साथ एक गंभीर मुद्दे पर चर्चा भी छेड़ दी है.

वीडियो मजाकिया अंदाज में बनाया गया

वीडियो में नॉर्थ ईस्ट भारत का एक व्यक्ति KYC यानी Know Your Customer की प्रक्रिया पूरी करने की कोशिश करता नजर आता है. परेशानी यह है कि फेस रिकग्निशन तकनीक उसके चेहरे को ठीक से पहचान नहीं पा रही. इसके बाद आसपास मौजूद लोग उसकी मदद करने के लिए तरह-तरह के जतन करते दिखाई देते हैं. कोई उसका चेहरा पकड़ रहा है तो कोई उसकी पलकों को खींचकर कैमरे के सामने आंखें ठीक से दिखाने की कोशिश कर रहा है.

पूरा वीडियो मजाकिया अंदाज में बनाया गया है और इसमें उस पुराने स्टीरियोटाइप को भी हास्य के तौर पर इस्तेमाल किया गया है, जिसमें पूर्वोत्तर के लोगों को एक जैसा दिखने वाला बताया जाता है. मंत्री ने इसे हल्के-फुल्के अंदाज में सोशल मीडिया पर शेयर किया और कैप्शन में सिर्फ लिखा कि Struggle is real. वीडियो देखते ही देखते वायरल हो गया. इसे अब तक 3.5 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है और हजारों लोग इसे लाइक कर चुके हैं.

वीडियो पर आए अलग-अलग कमेंट्स

हालांकि, वीडियो पर आए कमेंट्स में सिर्फ हंसी-मजाक नहीं था. कई लोगों ने तकनीक की सीमाओं पर गंभीर सवाल भी उठाए. एक यूजर ने कहा कि समस्या व्यक्ति में नहीं, बल्कि तकनीक में है. उसके मुताबिक भारत जैसे विविध देश में सिस्टम तैयार करते समय सभी तरह के चेहरों और शारीरिक विशेषताओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए.

एक अन्य यूजर ने X के AI चैटबॉट Grok को टैग करते हुए पूछा कि क्या ऐसे आईरिस स्कैनर उपलब्ध हैं, जो अलग तरह की पलक संरचना वाले लोगों के लिए भी आसानी से काम कर सकें. दरअसल, वीडियो में दिखाई गई समस्या को लेकर यूजर्स का कहना था कि किसी व्यक्ति की प्राकृतिक शारीरिक बनावट उसके लिए डिजिटल पहचान की प्रक्रिया में रुकावट नहीं बननी चाहिए.

कुछ यूजर्स ने सवाल उठाए

कई लोगों ने वैकल्पिक व्यवस्था की मांग भी की. किसी ने सुझाव दिया कि अगर चेहरे या आंखों से पहचान करने में दिक्कत आती है तो फिंगरप्रिंट वेरिफिकेशन का विकल्प होना चाहिए. वहीं, कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि जापान, चीन और दक्षिण-पूर्व एशिया के दूसरे देशों में ऐसी तकनीकी चुनौतियों के लिए क्या समाधान इस्तेमाल किए जा रहे हैं और भारत में उन्हें क्यों नहीं अपनाया जा रहा.

तेमजेन इम्ना अलोंग सोशल मीडिया पर अपनी मजेदार और दिलचस्प पोस्ट के लिए अक्सर चर्चा में रहते हैं. इससे पहले भी वह ऐसे वीडियो शेयर कर चुके हैं जिनमें मनोरंजन के साथ कोई न कोई संदेश छिपा होता है. एक बार उन्होंने इंदौर के डांसिंग कॉप का वीडियो भी साझा किया था, जिसमें पुलिसकर्मी माइकल जैक्सन के अंदाज में डांस करते हुए ट्रैफिक संभालता नजर आया था. उस पोस्ट के जरिए मंत्री ने लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने और खुद के लिए आगे बढ़ने का मंच बनाने का संदेश भी दिया था.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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