एयरपोर्ट पर चेकिंग के दौरान चली गोली… क्या फ्लाइट में लाइसेंसी हथियार ले जाना है वैध?

वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पर गोली चलने के मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. फूलपुर थाने ने बताया कि प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना फूलपुर पुलिस द्वारा एफआईआर संख्या 259/2026, धारा 125 (ए ),( बी) BNS के अंतर्गत मामला दर्ज कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है. घटना के समस्त पहलुओं, निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया तथा संबंधित एजेंसियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की जा रही है. जांच में प्राप्त तथ्यों के आधार पर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी. कमलेश राय को भी हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है.

जानकारी के अनुसार, आजमगढ़ निवासी और मुंबई में पूर्व पार्षद रह चुके कमलेश राय रविवार को अपनी पत्नी के साथ एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट संख्या IX1810 से वाराणसी से मुंबई की यात्रा करने के लिए सुबह 9:30 बजे वाराणसी एयरपोर्ट पहुंचे थे. यात्री कमलेश राय अपने साथ लाइसेंसी पिस्टल लेकर आए थे. इसकी जानकारी उन्होंने एयरपोर्ट अथॉरिटी को पहले से दे रखी थी. एयरपोर्ट पर यात्री के रजिस्टर्ड बैगेज एवं लाइसेंसी वेपन को निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित काउंटर पर ले जाकर उसकी जानकारी दर्ज कराने एवं आवश्यक चेकिंग/डिक्लेरेशन की कार्रवाई की जा रही थी.

पिस्टल की मैगजीन निकाली गई

एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था एवं सुरक्षा संबंधी निर्धारित प्रक्रिया का दायित्व संबंधित अधिकृत एयरपोर्ट सुरक्षा एजेंसियों का है. उक्त प्रक्रिया के दौरान संबंधित एयरलाइन एवं AAICLAS (AAI Cargo Logistics & Allied Services Company Limited) के अधिकृत कर्मियों द्वारा यात्री के रजिस्टर्ड बैगेज/वेपन की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार डिटेल दर्ज की जा रही थी. इसी दौरान वेपन की डिटेल एवं राउंड की संख्या दर्ज किए जाने के क्रम में पिस्टल की मैगजीन निकाली गई.

ट्रिगर दब जाने से अचानक हुआ फायर

प्रारंभिक जांच में जानकारी प्राप्त हुई है कि पिस्टल के चैंबर में एक राउंड मौजूद था. पिस्टल को कॉक/हैमर की स्थिति में लाने के दौरान ट्रिगर दब जाने से आकस्मिक रूप से फायर हो गया. वाराणसी के एयरपोर्ट डायरेक्टर पुनीत गुप्ता ने बताया कि पिस्टल और गन लेकर यात्रा करने का एक प्रोसीजर होता है. एक प्रोटोकॉल के तहत प्रॉपर डॉक्यूमेंटेशन और सिक्योरिटी चेक कर उसकी वेइंग होती है. जितने भी हमारे शूटर (स्पोर्ट्स पर्सन ), मिलिट्री/पारा मिलिट्री ऑफिसर्स और सिक्योरिटी ऑफिसर्स हैं वो सब वेपन लेकर यात्रा करते हैं, लेकिन वेपन पैसेंजर केबिन और पैसेंजर बैगेज में नही जाता.

वाराणसी के एयरपोर्ट डायरेक्टर ने बताया कि वेपन एक अलग केबिन में जाते हैं. पायलट कमांड और प्रॉपर सिक्योरिटीमें ये वेपन जाते हैं. गन/पिस्टल अलग और बुलेट्स अलग जाती हैं. इनका प्रॉपर डॉक्यूमेंटेशन और तौल होती है. पिस्टल/गन अनलोडेड होनी चाहिए. इनमें कोई कारतूस लोड नहीं होना चाहिए. अनलोडेड पिस्टल/गन और बुलेट्स दोनों को मजबूत बॉक्स में पैक करना जरूरी होता है. एयरलाइन के चेक-इन काउंटर पर पहुंचते ही आपको लिखित और मौखिक रूप से यह जानकारी देनी होगी कि आपके पास लाइसेंसी हथियार है.

बुलेट कैसे चली? ये जांच का विषय

पुनीत गुप्ता ने बताया कि एंट्री गेट और काउंटर पर CISF और एयरलाइन स्टाफ को बताना होता है कि आपके पास लाइसेंसी हथियार है. इस मामले में भी प्रोटोकॉल फॉलो करते समय ही गोली चली. लाइसेंस के पेपर चेक हो रहे थे. पेपर भरे जा रहे थे और डॉक्यूमेंटेशन हो रहा था. उसी दौरान पिस्टल से गोली चली. अब पिस्टल अनलोड क्यूं नही थी? बुलेट कैसे चली? ये सब पुलिस इन्वेस्टिगेशन का हिस्सा है.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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