वंदे मातरम् विवाद पर ओवैसी का PM मोदी पर हमला, बोले- क्या गांधी और टैगोर से ज्यादा समझदार हैं?

वंदे मातरम् को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच AIMIM प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। ओवैसी ने सवाल उठाया कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महात्मा गांधी से अधिक समझदार और रवींद्रनाथ टैगोर से अधिक बुद्धिमान हैं।
ओवैसी ने कहा कि महात्मा गांधी, रवींद्रनाथ टैगोर और सुभाष चंद्र बोस जैसे राष्ट्रीय नेताओं ने वंदे मातरम् के शुरुआती दो अंतरों को ही गाने का फैसला किया था। उन्होंने कहा कि देश सभी नागरिकों का है और किसी को अपनी मान्यता दूसरे पर थोपने का अधिकार नहीं है।
ओवैसी ने संविधान का किया जिक्र
हैदराबाद में ईद मिलाद-उन-नबी के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि भारत एक ऐसा देश है, जहां अलग-अलग धर्मों और मान्यताओं के लोग रहते हैं। उन्होंने कहा कि कोई भारत की पूजा करता है तो कोई देश की जमीन में दफन होता है, लेकिन दोनों ही इस देश के नागरिक हैं।
ओवैसी ने संविधान का हवाला देते हुए कहा कि संविधान की शुरुआत ‘भारत माता’ से नहीं, बल्कि ‘हम भारत के लोग’ से होती है। उन्होंने कहा कि देश के सभी नागरिकों को समान अधिकार प्राप्त हैं।
वंदे मातरम् को लेकर BJP-कांग्रेस आमने-सामने
वंदे मातरम् को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच भी राजनीतिक बयानबाजी तेज है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बीजेपी पर ध्रुवीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कांग्रेस वही संस्करण गाती है, जिसे महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सुभाष चंद्र बोस और सरदार पटेल समेत कई राष्ट्रीय नेताओं ने स्वीकार किया था।
वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस के दो अंतरे गाने के फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे राष्ट्रविरोधी बताया था। बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस वोट बैंक की राजनीति के कारण वंदे मातरम् को लेकर ऐसा रुख अपना रही है। इस मुद्दे पर दोनों दलों के बीच सियासी टकराव बढ़ता जा रहा है।











