अंकित शर्मा हत्याकांड में ताहिर हुसैन ने उम्रकैद को दी चुनौती, दिल्ली हाई कोर्ट में अगले हफ्ते सुनवाई

पूर्व आप पार्षद ताहिर हुसैन ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान IB अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में मिली उम्रकैद की सजा को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी है। उन्होंने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ याचिका दायर की है, जिस पर अगले सप्ताह सुनवाई होने की संभावना है।
कड़कड़डूमा कोर्ट ने सुनाई थी उम्रकैद
अंकित शर्मा की हत्या फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दयालपुर इलाके में हुई थी। दंगों के दौरान उनकी हत्या के बाद उनका क्षत-विक्षत शव एक नाले से बरामद किया गया था। इस मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने ताहिर हुसैन समेत पांच लोगों को दोषी ठहराया था। इसके बाद सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।
ताहिर हुसैन पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था, जबकि अन्य दोषियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था।
हाई कोर्ट में दाखिल की अपील
उम्रकैद की सजा के खिलाफ ताहिर हुसैन ने अब दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है। याचिका में उन्होंने निचली अदालत के फैसले और दोषसिद्धि को चुनौती दी है। उनकी अपील पर अगले सप्ताह सुनवाई होने की संभावना है। सजा सुनाए जाने के बाद ताहिर हुसैन ने फैसले पर असंतोष जताते हुए हाई कोर्ट जाने की बात कही थी।
मामले में पांच दोषियों को सजा
इस मामले में ताहिर हुसैन के अलावा नजीर, आसिम, जावेद और अनस को भी दोषी ठहराया गया था। अदालत ने सभी पांचों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस और बचाव पक्ष की ओर से अदालत के सामने अलग-अलग दलीलें पेश की गई थीं।
अभियोजन ने मांगी थी फांसी की सजा
अभियोजन पक्ष ने सभी पांच दोषियों के लिए मृत्युदंड की मांग की थी। अभियोजन ने वारदात को बेहद गंभीर और क्रूर बताते हुए इसे दुर्लभतम मामलों की श्रेणी में रखने की दलील दी थी। सुनवाई के दौरान बताया गया था कि अंकित शर्मा के शरीर पर 51 चोटों के निशान मिले थे, जिनमें सात चोटें जानलेवा थीं।
वहीं, ताहिर हुसैन की ओर से पेश वकील ने मृत्युदंड की मांग का विरोध करते हुए अदालत से नरम रुख अपनाने की अपील की थी। अब उम्रकैद की सजा को चुनौती देने वाली ताहिर हुसैन की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई होगी।











