गोंदिया में पशुओं के अवैध परिवहन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश, गौशालाओं की होगी निगरानी

महाराष्ट्र प्राणी संरक्षण (संशोधन) अधिनियम 1995 के तहत गोवंश हत्या प्रतिबंध के प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन तथा पशु कल्याण से जुड़े विभिन्न मुद्दों की समीक्षा के लिए जिला प्राणी क्लेश प्रतिबंधक समिति की बैठक जिलाधिकारी कार्यालय में अपर जिलाधिकारी अभिजीत घोरपड़े की अध्यक्षता में आयोजित हुई।
बैठक में पशुसंवर्धन जिला उपायुक्त डॉ. जालिंदर तिटमे, सहायक आयुक्त डॉ. संजय गायगवली, पुलिस निरीक्षक आर. के. सिंगनजुडे, सभी नगर परिषद व नगर पंचायतों के मुख्याधिकारी तथा विभिन्न गौशालाओं के पदाधिकारी उपस्थित थे।
कुत्तों के काटने की समस्या दूर करें
जिले में बढ़ रही श्वानों के काटने की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं को प्रभावी उपाययोजना करने के निर्देश दिए गए, साथ ही पशुओं के अवैध परिवहन पर पुलिस विभाग को सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। पकड़े गए पशुओं को अधिकृत एनिमल शेल्टर हाउस में रखने के निर्देश भी दिए गए। पशु जन्म नियंत्रण केंद्रों की स्थापना के लिए आवश्यक निधि उपलब्ध कराने के लिए जिला नियोजन समिति के समक्ष प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा गया।
आवारा पशुओं के लिए शुरू होंगे जन्म नियंत्रण केंद्र
इसके अलावा प्रत्येक पुलिस थाने के अनुसार दर्ज होने वाले अपराधों का वर्गीकरण, गौशालाओं की अद्यतन सूची, मासिक घटनाओं की रिपोर्ट तथा जिला प्राणी क्लेश प्रतिबंधक समिति पर अशासकीय सदस्यों की नियुक्ति करने पर भी जोर दिया गया। पशुसंवर्धन जिला उपायुक्त डॉ. जालिंदर तिटमे ने जिले में कार्यरत अधिकृत गौशालाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रत्येक पांच वर्ष में पशुगणना की जाती है।
पशु जन्म नियंत्रण केंद्र शुरू होंगे
बैठक में अपर जिलाधिकारी घोरपड़े ने एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया की गाइडलाइन के अनुसार प्रत्येक नगरपालिका और नगर पंचायत क्षेत्र में पशु जन्म नियंत्रण केंद्र (Animal Birth Control Unit) स्थापित करने के निर्देश दिए। शहरों में बढ़ रहे आवारा पशुओं के कारण दुर्घटनाओं की संख्या में वृद्धि हो रही हैं, इसलिए इन पशुओं का नियमानुसार बंदोबस्त करने के निर्देश भी उन्होंने दिए।











