नवी मुंबई के होटल का लाइसेंस निलंबन मामला पहुंचा हाई कोर्ट, 50 लाख मुआवजे पर सरकार से मांगा जवाब

बॉम्बे हाई कोर्ट ने नवी मुंबई स्थित होटल पवन बार एंड रेस्टोरेंट के 50 लाख रुपये के मुआवजा दावे पर राज्य सरकार को अपना रुख स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। होटल ने खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुपालन के बावजूद लाइसेंस निलंबित रहने से हुए वित्तीय नुकसान के लिए मुआवजे की मांग की है।

लाइसेंस निलंबन को हाई कोर्ट ने किया था रद्द

मामले की सुनवाई कार्यवाहक न्यायाधीश रवींद्र घुगे और न्यायमूर्ति मिलिंद साठ्ये की पीठ के समक्ष हुई। अदालत ने इससे पहले एफडीए द्वारा होटल का लाइसेंस निलंबित करने के आदेश को रद्द करते हुए लाइसेंस बहाल करने का निर्देश दिया था।

निरीक्षण में नियमों का पूर्ण पालन
लाइसेंस बहाली के बाद किए गए निरीक्षण में खाद्य सुरक्षा नियमों का 100 प्रतिशत अनुपालन पाए जाने का दावा किया गया। इसके बावजूद लाइसेंस निलंबित रखे जाने पर हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से सवाल किया। विशेष सरकारी वकील प्रियभूषण काकडे ने मामले में जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।

21 दिन बंद रहा होटल
याचिकाकर्ताओं के वकील मयूर खांडेपारकर और सागर शेट्टी ने अदालत को बताया कि लाइसेंस निलंबन के कारण होटल को भारी आर्थिक नुकसान हुआ। होटल 14 जुलाई से 3 अगस्त तक 21 दिनों के लिए बंद रहा। अदालत में नुकसान का विवरण और ऑडिटेड अकाउंट्स स्टेटमेंट भी पेश किया गया।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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