औरंगाबाद में ट्रक ने स्कूटी सवार महिला दारोगा को रौंदा, हुई दर्दनाक मौत, एक कांस्टेबल घायल

औरंगाबाद: नगर थाना क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग 19 पर पिपरडीह मोड़ के समीप बुधवार की रात्रि अनियंत्रित ट्रक ने स्कूटी सवार महिला दारोगा को रौंद दिया।जिससे घटनास्थल पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में महिला दारोगा के साथ रहे कांस्टेबल भीम कुमार भी गंभीर रूप से घायल हो गए.

हादसे के बाद स्थानीय लोगों के द्वारा इसकी सूचना पुलिस को दी गई और उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया। जहां चिकित्सक ने महिला दारोगा को नब्ज टटोलते ही मृत घोषित कर दिया। मृतक महिला दारोगा की पहचान रिंकी कुमारी के रूप में की गई है जो जमुई की रहने वाली थी। लेकिन उसका पूरा परिवार पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में रह रहा था.

वह वर्ष 2020 बैच की दारोगा थी और फिलहाल अविवाहित थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार महिला दारोगा रिंकी कुमारी ने ढ़िबरा थाना में तीन माह पूर्व ही अपना योगदान दिया था। इसके पहले वह ओबरा थाना में पदस्थापित थी। बुधवार को वह थाने में ही पदस्थापित कांस्टेबल भीम कुमार के साथ व्यवहार न्यायालय में एक केस से संबंधित केस डायरी समर्पित करने आई थी.
केस डायरी समर्पित करने के बाद विभागीय कार्य से रुकी हुई थी और आज ही सुबह उसे पटना जाना था। इसलिए अपना काम निपटा कर रात्रि विश्राम के लिए वह किसी के आवास पर ठहरने राष्ट्रीय राजमार्ग की तरफ से जा रही थी। तभी पिपरडीह मोड़ के समीप हादसे का शिकार हो गई.
घटना की सूचना मिलते ही एसपी अम्बरीष राहुल, प्रशिक्षु डीएसपी अभिषेक कुमार, सर्किल इंस्पेक्टर फहीम आजाद खान, नगर थाना के प्रभारी थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार सदर अस्पताल पहुंचे। एसपी ने पूरे मामले की जानकारी ली और मृत्युपरांत होनेवाले विभागीय एवं कागजी कार्रवाई का निर्देश दिया।एसपी ने दल बल के साथ घटनास्थल का भी निरीक्षण किया.
महिला दारोगा की मौत की सूचना परिजनो को दे दी गई. सूचना पर परिजन गुरुवार की सुबह सदर अस्पताल पहुंचे जहां उसके शव की पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराई। अगर पिपरडीह मोड़ पर हुई सड़क हादसे में आंकड़ों पर गौर करें, तो दो माह में यह चौथी मौत हुई है.
महिला दारोगा की मौत से कुछ ही दिन पूर्व इसी जगह पर राजद नेता उदय उज्ज्वल के भाई अजय यादव की मौत हुई थी और दो माह पूर्व एक एक माह के अंतराल पर आनंदपुरा निवासी दो चचेरे भाई भी तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आकर असमय काल के गाल में समा चुके हैं.











