राहुल गांधी के बाद अखिलेश यादव ने भी कांशीराम के लिए की भारत रत्न की मांग, बोले- हमारे साथ मिलकर BJP को हराया था

बीएसपी सुप्रीमो मायावती के बाद अब समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशीराम को भारत रत्न से सम्मानित किये जाने की मांग की है. समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने कहा कि मान्यवर कांशीराम जी और समाजवादी पार्टी ने एक समय में मिलकर देश को दिशा दी थी. उन्होंने कहा कि आपको याद होगा कि उस समय नेताजी (मुलायम सिंह यादव) बहुजन समावादी पार्टी के नेता कांशीराम जी ने मिलकर भारतीय जनता पार्टी का मुकाबला किया था और भारतीय जनता पार्टी को हरा दिया था.
अखिलेश यादव ने कहा कि उसी के बाद बीजेपी अपने हर कार्यक्रम में बाबा साहेब आंबेडकर की तस्वीर लेकर आई. उन्होंने कहा कि आप पता करिए ये बात. मान्यवर कांशीराम जी के रास्ते पर चलने वाले जो लोग हैं, उनके साथ संघर्ष किया है वो उनके लिए भारत रत्न की मांग कर रहे हैं.
राहुल गांधी ने भी की थी मांग
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि मैं मांग करता हूं कि भारत सरकार सामाजिक न्याय के महान योद्धा और बहुजन चेतना के मार्गदर्शक, आदरणीय कांशी राम जी को भारत रत्न से सम्मानित करे. यह सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान कांशी राम जी और उस पूरे आंदोलन के प्रति एक श्रद्धांजलि होगी, जिसने लाखों बहुजनों को उनके अधिकारों, भागीदारी और आत्म-सम्मान का मार्ग दिखाया.
कांग्रेस के साथ गठबंधन जारी रहेगा
अखिलेश यादव ने कहा कि आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को हार का सामना करना पड़ेगा. उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी फिर से सत्ता में लौटेंगी. उन्होंने यह भी दोहराया कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के साथ उनकी पार्टी का गठबंधन जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमारी पुरानी सहयोगी है और यह साझेदारी जारी रहेगी.
‘बीजेपी के साथ मिले हैं’
अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग से यह भी आग्रह किया कि वह निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित करे. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव निकाय को केंद्र सरकार के प्रभाव में काम नहीं करना चाहिए. मतदाता सूचियों के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) का ज़िक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि BJP, प्रशासन और चुनाव तंत्र मिलकर काम करते हुए प्रतीत हो रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि एक मामले में एक पार्टी कार्यकर्ता ने पाया कि BJP सदस्यों ने हस्ताक्षरों का किसी मतदाता का नाम हटाने के लिए ‘फॉर्म 7’ के आवेदन जमा करने में इस्तेमाल किया गया था.











