अनंत सिंह बोले-नीतीश होते तो बांकीपुर में हार नहीं होती:जनता के बीच मैसेज गया कि उन्हें जबरन हटाया गया है; श्याम रजक ने कहा- समीक्षा बहुत जरूरी

पटना के बांकीपुर उपचुनाव में जनसुराज के प्रशांत किशोर ने बड़ी जीत दर्ज की है। यह जीत इसलिए भी बड़ी है, क्योंकि उन्होंने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के गढ़ में उन्हीं के उम्मीदवार नीरज सिन्हा को 19,324 वोटों से हरा दिया।
32 राउंड की मतगणना के बाद प्रशांत किशोर को 64,151 वोट मिले, जबकि बीजेपी के नीरज सिन्हा को 44,827 वोट प्राप्त हुए। राजद की रेखा कुमारी 14,273 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। उनकी जमानत जब्त हो गई।
बांकीपुर में बीजेपी की हार के बाद अब राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया आनी शुरू हो गई है। NDA की सहयोगी जदयू ने बांकीपुर की हार पर बीजेपी को नसीहत दी है। बाहुबली और जदयू विधायक अनंत सिंह ने कहा है कि अगर नीतीश कुमार मुख्यमंत्री रहते तो बिल्कुल ऐसा नहीं होता।
जनता में यह मैसेज गया है कि नीतीश को वोट दिए। उनको हटा दिया गया। जनता को ये ठीक नहीं लगा। ये खेल जनता को पसंद नहीं आया। जनता दुखी है।
हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वास्तविकता कुछ और है। अनंत सिंह ने कहा कि उन्हें पूरी जानकारी है कि नीतीश कुमार को हटाया नहीं गया, बल्कि उन्होंने खुद मुख्यमंत्री पद छोड़ा था।
अनंत सिंह बोले- जनता ही अंतिम फैसला करती है
बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए अनंत सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में जनता ही सबसे बड़ी ताकत होती है। उन्होंने कहा कि जिन उम्मीदवारों को जनता ने वोट दिया, वे जीत गए और जिन्हें जनता ने वोट नहीं दिया, वे हार गए। सीधी बात है कि जनता ही मालिक होती है और वही अंतिम फैसला करती है।
दिल्ली में नीतीश कुमार की सक्रियता पर भी बोले
दिल्ली में जदयू कार्यालय का निरीक्षण करने और पार्टी गतिविधियों में नीतीश कुमार की बढ़ती सक्रियता को लेकर पूछे गए सवाल पर अनंत सिंह ने कहा कि इसमें किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है। नीतीश कुमार जहां रहेंगे, जहां जाएंगे और जहां भी चुनाव लड़ेंगे, पार्टी के सभी नेता और कार्यकर्ता पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़े रहेंगे।
समीक्षा करने की जरूरत है- श्याम रजक
वहीं, जदयू विधायक श्याम रजक ने कहा कि बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में समन्वय और प्रबंधन की कमी हुई। जनमत का आदर करता हूं, प्रशांत किशोर को बधाई देता हूं। जहां तक हार की बात है इस पर गंभीर रूप से समीक्षा करने की जरूरत है।
बांकीपुर में कुल 34.30% मतदान हुआ था और 1,30,208 वोट पड़े थे। इनमें प्रशांत किशोर को 49.23% वोट मिले। 2025 के विधानसभा चुनाव में नितिन नवीन इसी सीट से 51 हजार से अधिक वोटों से जीते थे। उन्हें 98,299 वोट मिले थे।
पिछले 30 साल से बांकीपुर बीजेपी का गढ़ रहा है, लेकिन इस जीत के साथ ही प्रशांत किशोर की विधानसभा में एंट्री हो गई है। अब वे सिर्फ सदन के बाहर ही नहीं, बल्कि सदन के भीतर भी पक्ष और विपक्ष दोनों पर हमलावर नजर आ सकते हैं।
अपनी जीत के बाद पीके ने अपना एजेंडा भी साफ कर दिया। उन्होंने बीजेपी नेतृत्व से बिहार में मुख्यमंत्री बदलने की अपील की और कहा, “किसी पढ़े लिखे को सीएम बनाइए, अपराधी को मुख्यमंत्री बनाइएगा तो बिहार की तरक्की नहीं होगी।”










