दुर्ग में कारोबारी से 4.90 लाख की उठाईगिरी का खुलासा: गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड समेत 5 आरोपी गिरफ्तार, रेकी कर रची थी साजिश

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में कार का शीशा तोड़कर 4.90 लाख रुपए की उठाईगिरी करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मामले में गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कई दिनों तक कारोबारी की गतिविधियों पर नजर रखी और पूरी योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया। चोरी के बाद आरोपियों ने रकम का बंटवारा कर बाइक की मरम्मत, नए कपड़ों की खरीदारी और पार्टी में पैसे खर्च किए।
रेकी के बाद दिया वारदात को अंजाम
पुलिस के अनुसार, 28 जुलाई को व्यापारी प्रमोद महेश्वरी अपनी कार में करीब 4.90 लाख रुपए लेकर पोटिया रोड स्थित एक शोरूम पहुंचे थे। कार खड़ी कर बाहर जाने के दौरान आरोपियों ने मौके का फायदा उठाते हुए कार का शीशा तोड़ा और नकदी से भरा बैग लेकर फरार हो गए।
जांच के दौरान पुलिस ने आसपास के सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसी दौरान शोरूम के एक कर्मचारी पर संदेह हुआ, जिसके बाद पूछताछ में पूरे गिरोह का खुलासा हो गया। पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी भुवनेश्वर डहरिया और उसकी गर्लफ्रेंड सपना राजपूत ने वारदात की साजिश रची थी। दोनों एक ही शोरूम में काम करते थे और कारोबारी की दिनचर्या से परिचित थे। उनके साथ संजय साहू, संतोष जोशी और जितेंद्र कुमार भी वारदात में शामिल थे।
फोन कॉल से खुली साजिश, 1.57 लाख रुपए बरामद
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने पहचान छिपाने के लिए वारदात के दौरान तीन अलग-अलग दोपहिया वाहनों का इस्तेमाल किया। चोरी के बाद सभी आरोपी अलग-अलग रास्तों से निकले और बाद में एक जगह इकट्ठा होकर रकम का बंटवारा किया। भुवनेश्वर ने अपनी गर्लफ्रेंड के बैंक खाते में 1.04 लाख रुपए भी जमा कराए, जबकि अन्य रकम अलग-अलग खर्च कर दी गई।
जांच के दौरान एक फोन कॉल ने पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस जब सपना राजपूत से पूछताछ कर रही थी, तभी भुवनेश्वर के मामा संतोष जोशी का फोन आया। बातचीत के दौरान उसने बैंक खाते में जमा रकम का जिक्र किया, जिससे पुलिस को उसके शामिल होने के भी सबूत मिल गए। पुलिस ने पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस अब तक आरोपियों के कब्जे से 1.57 लाख रुपए बरामद कर चुकी है, जबकि बाकी रकम खर्च किए जाने की बात सामने आई है।










