मध्य प्रदेश में भी एनालॉग पनीर पर लगा बैन, महाराष्ट्र-गुजरात के बाद ऐसा करने वाला चौथा राज्य

मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. राज्य में एनालॉग पनीर की बिक्री पर बैन लगा दिया है. सूबे के चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने बताया कि प्रदेश के आसपास के राज्यों में एनालॉग पनीर को बैन किया गया है, इसलिए वह बड़ी मात्रा में मध्य प्रदेश में खपाने की कोशिश की जा सकती है, ऐसे में सरकार ने एनालॉग पनीर को बैन करने का फैसला किया है.
स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि मध्य प्रदेश में भी एनालॉग पनीर का उत्पादन प्रतिबंधित रहेगा. उन्होंने कहा कि सरकार जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ नहीं होने देगी. मध्य प्रदेश में एनालॉग पनीर बैन किया जा रहा है. राज्य सरकार ने एनालॉग पनीर से होने वाले स्वास्थ्य आधारित खतरों के चलते यह फैसला लिया है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों को इसे प्रतिबंधित करने के संबंध में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. इससे पहले महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ में भी एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है.
त्योहारों में जमकर होती पनीर की बिक्री
स्वास्थ्य मंत्री का कहना है त्योहार का समय चल रहा है और कुछ समय बाद रक्षाबंधन आने वाला है. ऐसे में दूध से बने उत्पादों की मांग बढ़ जाती है, तो ऐसे उत्पाद शुद्ध मिलें. इसकी हम चिंता कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि 20 जुलाई से लगातार हमारा अभियान चल रहा है कि जनता को शुद्ध दूध और शुद्ध मावा मिले.
लोगों को नहीं पता अंतर
उन्होंने कहा कि ग्राहक को पता नहीं चलता है कि एनालॉग पनीर और सामान्य पनीर में क्या अंतर है. जबकि साफ आदेश है कि इसको बताकर बेचा जाए, लेकिन आदेश के बाद भी प्रदेश में लोगों को बिना बताए एनालॉग पनीर बेचा जा रहा है. उन्होंने कहा कि FSSAI की ओर से भी इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद गलत तरीके से एनालॉग पनीर तैयार किया जा रहा है.
क्या है एनालॉग पनीर
एनालॉग पनीर की बात करें तो ये दिखने में बिल्कुल सामान्य पनीर जैसा होता है, लेकिन इसे पूरी तरह दूध से तैयार नहीं किया जाता. इसमें दूध की जगह या उसके साथ वनस्पति वसा/तेल, मिल्क प्रोटीन और अन्य सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसकी लागत सामान्य दूध से बने पनीर की तुलना में कम पड़ती है. यही वजह है कि होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग कारोबार में इसके इस्तेमाल को लेकर चिंता जताई जा रही है. इसका इस्तेमाल खासकर पिज्जा, बर्गर, सैंडविच, होटल-रेस्टोरेंट और प्रोसेस्ड फूड में किया जाता है.











