पहली तेज बारिश में भिलाई की जलनिकासी व्यवस्था हुई बेपटरी, कई इलाकों में जलभराव से जनजीवन प्रभावित

भिलाई में मानसून की पहली मूसलाधार बारिश ने नगर निगम की प्री-मानसून तैयारियों की पोल खोल दी। 4 जुलाई की रात से शुरू हुई बारिश का असर 5 जुलाई की देर रात तक बना रहा, जिससे शहर के कई हिस्सों में जलभराव की गंभीर स्थिति पैदा हो गई। सुपेला, कोसा नाला, नेहरू नगर, राधिका नगर, तालपुरी और कैंप क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित रहे, जहां सड़कें पानी में डूब गईं और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ।

नालियों की पर्याप्त सफाई नहीं होने के कारण बारिश का पानी सड़कों पर भर गया और कई स्थानों पर गंदा पानी घरों तक पहुंच गया। कई कॉलोनियों के लोगों को रातभर घरों से पानी निकालने की मशक्कत करनी पड़ी। वहीं निचले इलाकों में खड़े दोपहिया और चारपहिया वाहन पानी में डूब गए तथा प्रमुख मार्गों पर लंबे समय तक यातायात बाधित रहा।

हर वर्ष मानसून से पहले जलनिकासी व्यवस्था सुधारने और नालों की सफाई के दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही तेज बारिश में शहर की व्यवस्था चरमराती नजर आई। जिन इलाकों में हर साल जलभराव की समस्या रहती है, वहां भी हालात में कोई विशेष सुधार नहीं दिखा, जिससे निगम की तैयारियों और निगरानी पर सवाल उठने लगे हैं।

मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में दुर्ग जिले में 181 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जिसे बहुत भारी बारिश की श्रेणी में रखा गया है। लगातार बारिश के कारण नालों का जलस्तर बढ़ गया और पानी की निकासी धीमी पड़ गई, जिससे कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति और गंभीर हो गई।

मौसम वैज्ञानिकों ने अगले कई दिनों तक दुर्ग-भिलाई क्षेत्र में रुक-रुककर बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई है। 6 से 11 जुलाई के बीच जिले में अच्छी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है। ऐसे में नागरिकों को सतर्क रहने और जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी गई है।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
close
Virus-free.www.avast.com