DU का बड़ा फैसला: अब 4 साल के ग्रेजुएशन के बाद सीधे कर सकेंगे PhD, जानिए eligiblity

दिल्ली विश्वविद्यालय ने चार साल के अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम के छात्रों के लिए बिना मास्टर डिग्री के सीधे PhD में दाखिला लेने का रास्ता खोल दिया है. शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एक विशेष छूट के रूप में, न्यूनतम 7.5 CGPA (SC/ST/OBC/PwBD श्रेणी के छात्रों के लिए 7 CGPA) हासिल करने वाले योग्य उम्मीदवार सीधे PhD प्रोग्राम में प्रवेश के लिए पात्र होंगे. न्यूज एजेंसी ANI के अनुसार, DU रजिस्ट्रार ने 21 अगस्त को इस संबंध में आधिकारिक दिशानिर्देश जारी किए हैं.
यूनिवर्सिटी ने NEP 2020 पर आधारित अंडरग्रेजुएट करिकुलम फ्रेमवर्क 2022 के तहत 2022-23 में 4-वर्षीय UG कोर्स शुरू किया था. सत्र 2022-23 में 75,948 छात्रों ने एडमिशन लिया था, जिनमें से 40,005 छात्र तीसरे वर्ष (2025) में एग्जिट कर गए, जबकि लगभग 35,943 छात्रों ने चौथे वर्ष को चुना.
चार साल का UG पूरा करने वाले छात्रों के लिए DU ने PGCF के तहत 46 प्रोग्रामों में 5,857 एक-वर्षीय PG सीटें ऑफर की हैं, जो अन्य विश्वविद्यालयों की तुलना में सबसे ज्यादा हैं. जिन छात्रों ने 3 साल के बाद ग्रेजुएशन की डिग्री लेकर एग्जिट किया था, उनके लिए 2 साल का पारंपरिक PG प्रोग्राम जारी रहेगा. चौथे वर्ष के 35,943 छात्रों में से 12,111 (34.27%) छात्रों ने सत्र 2026-27 के लिए DU के एक-वर्षीय PG में आवेदन किया है. उपलब्ध 5,857 सीटों के मुकाबले आवेदकों का यह अनुपात (48.36%) काफी अधिक है.
डेवलपमेंट सेंटर स्थापित किए गए
NEP 2020 के तहत DU ने स्किल-बेस्ड कोर्स, इंटर्नशिप और एंटरप्रेन्योरशिप को जोड़ा है. 25 कॉलेजों में स्किल डेवलपमेंट सेंटर स्थापित किए गए हैं और चौथे साल में छात्रों को रियल-टाइम प्रॉब्लम पर प्रोजेक्ट/रिसर्च करना अनिवार्य किया गया है. यूनिवर्सिटी ने ऑर्डिनेंस VI में आवश्यक बदलाव कर अकादमिक काउंसिल और एग्जीक्यूटिव काउंसिल से इसे मंजूरी दिला दी है, जिससे 4-वर्षीय FYUP की पढ़ाई को सीधे PhD के अनुकूल बनाया जा सके.











