बरेली : मुआवजा वितरण में बड़ा फर्जीवाड़ा? बरेली में करोड़ों की रकम गलत खाते में

बरेली : एक महिला के खाते में 1.13 करोड रुपए भेज दिए गए यह धनराशि भूमि अधिग्रहण के मुआवजे के तौर पर भेजी गई जबकि महिला की जमीन ना तो अधिग्रहण के दायरे में थी और ना ही अधिग्रहण किया गया.

बरेली में विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी कार्यालय ने अपात्र महिला के बैंक खाते में एक करोड रुपए से ज्यादा का मुआवजा भेज दिया त्रुटि की भनक लगते ही वसूली की कवायत शुरू कर दी गई धनराशि जारी हुए 9 महीने बीतने के बाद भी अब तक वसूली नहीं हो पाई है लापरवाही में किसी भी कर्मचारी के विरुद्ध अब तक कोई कार्रवाई भी नहीं हुई है.

झुमका चौराहे से रजऊ परसपुर तिराहा तक बन रहे रिंग रोड के लिए महेशपुर ठाकुरान की भगवान देई के बैंक खाते में एसएलओ कार्यालय से 27 मार्च 2025 को मुआवजा के एक करोड़ 13 लाख 57 हजार 265 रुपए भेजे गए थे उनकी जमीन न तो अधिग्रहण के दायरे में थी और नई अधिकरण किया गया था चूक का कारण क्या रहा अधिकारियों को यह भी नहीं पता । एसएलओ कार्यालय ने भगवानदेई को 1 दिसंबर को आरसी जारी किया अब तक धनराशि की वसूली नहीं हो पाई है.

गांव के देशपाल सिंह ने बताया कि गाटा 517 की जमीन पर वह चार भाई हिस्सेदारी थे उन्होंने भाई यशपाल ने अपने हिस्से की पांच बीघा जमीन 2020-21 में भगवानदेई को बेच दी थी यह जमीन अधिग्रहण के दायरे से बाहर है फिर भी भगवानदेई को अधिग्रहण के दायरे में आने वाले अन्य किसानों से सबसे पहले मुआवजा दे दिया गया देशपाल ने कहा कि मुआवजा मिलने में देरी देखकर उन्होंने ऑफिस में आपत्ति की थी तो 2 महीने बाद उन चारों भाइयों को मुआवजा मिल गया

तहसीलदार सदर की जांच में खुला मामला

जमीन अधिकृत होने के बाद भी मुआवजा न मिलने पर महेशपुर ठाकुरान के यशपाल ने 25 मार्च 2025 को एसएलओ कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की थी यशपाल ने अपने हिस्से की पैमाईश करने की मांग की थी एसएलओ ने कार्रवाई के लिए प्रार्थना पत्र को तहसीलदार सदर के पास भेजा जांच में तहसीलदार सदर ने पाया कि भगवानदेवी वाले हिस्से की जमीन का कोई भी अंश रिंग रोड के लिए अधिकरण से प्रभावित नहीं है.

प्रभारी विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी देश दीपक सिंह ने बताया कि इस प्रकार की जानकारी नहीं है फाइल देखकर ही कुछ बता सकेंगे.