पावर सेक्टर में निवेश का बड़ा मौका, वैश्विक कंपनियों को भारत आने का न्योता

देश के पावर सेक्टर में बड़े बदलाव की तैयारी है और इसमें विदेशी निवेश बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक निवेशकों को भारत के बिजली क्षेत्र में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया है और इसे विकास के नए अवसरों से जुड़ा क्षेत्र बताया है।
एक संदेश के जरिए उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और ऊर्जा के क्षेत्र में एक अहम मोड़ पर खड़ा है। उन्होंने निवेशकों से भारत में निर्माण, निवेश, नवाचार और विस्तार करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि इस तरह के निवेश से न केवल बिजली क्षेत्र को मजबूती मिलेगी, बल्कि देश के समग्र विकास को भी गति मिलेगी। साथ ही यह प्रयास ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारकों को एक मंच पर लाने और सहयोग बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
ऊर्जा क्षेत्र में सरकार का लक्ष्य नवीकरणीय ऊर्जा को तेजी से बढ़ावा देना है। देश पहले ही 50 प्रतिशत से अधिक गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता हासिल कर चुका है और 2030 तक 500 गीगावॉट का लक्ष्य रखा गया है।
इसके अलावा, बिजली वितरण में सुधार, नुकसान कम करने और सिस्टम को अधिक कुशल बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। नई नीतियों और योजनाओं के जरिए छोटे स्तर पर बिजली उत्पादन और टिकाऊ ऊर्जा उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन पहलों से भारत का पावर सेक्टर आने वाले वर्षों में और मजबूत होगा और यह वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य बन सकता है।











