रायपुर साहित्य उत्सव में नई पीढ़ी के सिनेमा और साहित्य पर हुआ विचार-मंथन

रायपुर में आयोजित साहित्य उत्सव के तहत श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में “नई पीढ़ी की फिल्मी दुनिया” विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में अभिनेता सत्यजीत दुबे, अभिनेत्री सुटी. जे. भानु, विधायक एवं कलाकार अनुज शर्मा तथा सुसुविज्ञा दुबे विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए।
परिचर्चा के दौरान अनुज शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ी भाषा सरल और सहज है, जिसे संवाद के माध्यम से और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने महिलाओं की बढ़ती भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि वर्तमान समय में सिनेमा और समाज दोनों क्षेत्रों में उनका योगदान लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने फिल्म, रंगमंच और धारावाहिकों में निर्देशक, अभिनेता और लेखक की भूमिका पर भी प्रकाश डाला।
अभिनेता सत्यजीत दुबे ने कहा कि किसी भी फिल्म में भावनात्मक जुड़ाव होना आवश्यक है, तभी वह लंबे समय तक दर्शकों के मन में बनी रहती है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के समृद्ध साहित्य और लोकसंस्कृति की सराहना करते हुए कहा कि यहां सिनेमा के लिए बेहतरीन कहानियों की कोई कमी नहीं है।
अभिनेत्री सुटी. जे. भानु ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म, विशेष रूप से यूट्यूब, ने नए कलाकारों के लिए नए अवसर उपलब्ध कराए हैं। उन्होंने बताया कि अब छोटी कहानियां भी बड़े स्तर पर दर्शकों तक पहुंच रही हैं। उन्होंने सिनेमा में दृश्यात्मक प्रस्तुति को महत्वपूर्ण बताया और महिला निर्माताओं की भूमिका पर भी चर्चा की।
सुसुविज्ञा दुबे ने कहा कि बच्चों में आत्मविश्वास और सृजनात्मकता का विकास घर से ही शुरू होना चाहिए। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को अभिव्यक्ति के अवसर देने की अपील की।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने नई पीढ़ी के सिनेमा, साहित्य और डिजिटल माध्यमों के प्रभाव पर विचार साझा करते हुए कहा कि सशक्त कहानी, भावनात्मक जुड़ाव और सामाजिक जिम्मेदारी ही भविष्य के सिनेमा की दिशा तय करेंगे।











