बिना लाइसेंस इलेक्ट्रिक बाइक चला सकते हैं, लेकिन तीन सवारी बैठाई तो होगी कार्रवाई

शिवपुरी: शहर के ग्वालियर बाईपास पर रविवार को जेएमएफसी न्यायाधीश रिचा सिंह राजावत व निहारिका सिंह ब्यास ने मोबाइल कोर्ट लगाया। इस दौरान उन्होंने कई वाहनों की चेकिंग की।

जब मोबाइल कोर्ट चल रहा था तो एक बाइक पर एक युवक चार बच्चों सहित कुल पांच सवारियां बैठाकर फर्राटे भरते हुए जा रहा था। जब पुलिसकर्मियों ने उसकी बाइक रोकी तो युवक ने चालान से बचने के लिए बहाना बनाने का प्रयास करते हुए कहा कि आज रविवार था इसलिए बच्चों के बाल कटवाने ले जा रहा था।

इस पर न्यायाधीश ने युवक से कहा कि अगर इतनी सवारियां लेकर चलोगे तो क्या एक्सीडेंट नहीं होगा? न्यायाधीश ने उसे समझाइश दी, जिसके बाद उसका एक हजार रुपये का चालान काटा।

इसी प्रकार एक इलेक्ट्रिक बाइक पर फर्राटे भरते हुए तीन बच्चे जा रहे थे। बाइक रुकवा कर न्यायाधीश ने बच्चों से पूछा, आपकी उम्र कितनी है। बच्चे ने तपाक से जवाब दिया मैडम, 16 साल। न्यायाधीश ने इसके बाद बच्चे से सवाल किया कि आपके पास लाइसेंस है? तो बच्चे ने फिर से जवाब देते हुए कह दिया मैडम ये तो इलेक्ट्रिक बाइक है, इसमें लाइसेंस की क्या जरूरत।

न्यायाधीश ने बच्चे को समझाया कि बिना लाइसेंस के इलेक्ट्रिक बाइक तो चला सकते हैं लेकिन तीन सवारी बैठाकर नहीं। इसके बाद बच्चे की इलेक्ट्रिक बाइक को जब्त किया गया।

इस पूरी कार्रवाई के दौरान कुल 23 वाहनों पर चालानी कार्रवाई करते हुए 14 हजार 800 रुपये का चालान काटा गया। वहीं जिन लोगों ने फोन लगवाकर या फिर कोई अन्य बहाना बनाकर चालान से बचने का प्रयास किया ऐसे 7 लोगों की बाइक व एक कार को जब्त किया गया।

न्यायाधीश ने सभी आठों वाहनों को न्यायालय में पेश करने के निर्देश दिए। चेकिंग के दौरान यातायात प्रभारी रणवीर सिंह यादव, सूबेदार नीतू अवस्थी, सूबेदार प्रियंका घोष आदि उपस्थित थे।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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