सीबीएसई ने री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया में किया बड़ा बदलाव, ऑनमार्क पोर्टल हटाया गया

सुरक्षा कारणों और हालिया साइबर हमलों के मद्देनजर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन (री-इवैल्यूएशन) की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। बोर्ड ने ऑनमार्क (OnMark) प्लेटफॉर्म को इस प्रक्रिया से हटाते हुए री-इवैल्यूएशन का कार्य अब अपने नियंत्रण वाले पोर्टल और सर्वरों पर संचालित करने का निर्णय लिया है।

सुरक्षा चिंताओं के बाद लिया गया फैसला

सीबीएसई ने इस वर्ष बड़ी संख्या में उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग किया था। परिणाम घोषित होने के बाद कुछ छात्रों ने मूल्यांकन संबंधी तकनीकी समस्याओं और संभावित त्रुटियों की शिकायतें दर्ज कराई थीं। इसके बाद बोर्ड ने तकनीकी समीक्षा शुरू की और पाया कि पुनर्मूल्यांकन जैसी संवेदनशील प्रक्रिया को सीधे अपने नियंत्रण में संचालित करना अधिक सुरक्षित होगा। इसी के तहत छात्र और परीक्षा संबंधी डेटा को बोर्ड के सर्वरों पर स्थानांतरित किया गया है।

विशेषज्ञों की निगरानी में होगी प्रक्रिया

री-इवैल्यूएशन प्रणाली को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए आईआईटी कानपुर और आईआईटी मद्रास के विशेषज्ञों की चार सदस्यीय टीम को तकनीकी सहायता के लिए शामिल किया गया है। टीम साइबर सुरक्षा, कंप्यूटर सिस्टम और परीक्षा प्रबंधन से जुड़े पहलुओं की निगरानी करेगी। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि हाल में हुए साइबर हमलों के बावजूद किसी भी छात्र का डेटा लीक नहीं हुआ है और सभी हमलों को समय रहते निष्क्रिय कर दिया गया।

7 जून तक आवेदन का अवसर

जिन छात्रों ने उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी प्राप्त करने के लिए आवेदन किया है, वे 7 जून तक पोस्ट-रिजल्ट पोर्टल के माध्यम से प्रश्नवार आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। बोर्ड के अनुसार अब तक हजारों आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें अंकों के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन दोनों से जुड़े अनुरोध शामिल हैं। सीबीएसई का कहना है कि नई व्यवस्था के तहत री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पूरी की जाएगी।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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