CG News: छत्तीसगढ़ में श्रमिकों को ‘कैशलेस’ इलाज का तोहफा: 106 निजी अस्पतालों से हुआ अनुबंध

Cg news।रायपुर – छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के असंगठित श्रमिकों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए ‘अटल श्रम सशक्तीकरण योजना’ शुरू की है।
इस योजना के तहत श्रमिकों को ‘कैशलेस’ इलाज समेत कई महत्वपूर्ण सुविधाएं मिलेंगी। सरकार ने इस सुविधा के लिए 106 निजी अस्पतालों के साथ अनुबंध किया है।
अधिकारियों ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य श्रमिकों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करना है।
अनुबंधित 106 निजी चिकित्सालयों में श्रमिक हृदय रोग, किडनी रोग, मस्तिष्क रोग और जटिल सर्जरी जैसी बीमारियों का सुपर स्पेशियलिटी इलाज करवा सकेंगे, जिसके लिए उन्हें कोई नगद भुगतान नहीं करना होगा।
इसके अलावा, कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) ने भी श्रमिकों को ‘कैशलेस’ चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने के लिए 106 निजी अस्पतालों से अनुबंध किया है।
रायपुर और कोरबा में 100 बिस्तरों वाले अस्पताल बनकर तैयार हो गए हैं, जबकि भिलाई और रायगढ़ में ऐसे ही अस्पतालों का निर्माण कार्य चल रहा है। बिलासपुर में भी एक अस्पताल बनाने की मंजूरी दी गई है।
राज्य के उन श्रमिकों के लिए जो दूसरे राज्यों में काम करते हैं, सरकार ने एक अनोखी पहल की है। पहले चरण में, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में ‘मोर चिन्हारी भवन’ बनाए जाएंगे। इन भवनों का उद्देश्य प्रवासी श्रमिकों को सहयोग और मार्गदर्शन देना है।
‘श्रमेव जयते’ पोर्टल: श्रमिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ एक ही जगह पर देने के लिए यह पोर्टल तैयार किया गया है।
ब्याज अनुदान योजना: श्रमिकों को आत्मनिर्भर बनाने और खुद का व्यवसाय शुरू करने में मदद करने के लिए सरकार जल्द ही एक नई योजना शुरू करेगी, जिसमें बैंक ऋण पर ब्याज में छूट दी जाएगी।
श्रम कल्याण कार्यालय: श्रमिकों की योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू करने के लिए राज्य के हर संभाग में श्रम कल्याण कार्यालय स्थापित किए जा रहे हैं।
नए औषधालय: श्रमिकों के बहुल इलाकों जैसे तिल्दा, उरला (रायपुर) और लारा, खरसिया (रायगढ़) में नए औषधालय खोले जा रहे हैं ताकि उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
‘शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना’: इस योजना के तहत श्रमिकों को उनके कार्यस्थल के पास ही सिर्फ पांच रुपये में भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
पहले चरण में 21 केंद्र खोले गए हैं, जो रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बिलासपुर, रायगढ़, महासमुंद और सूरजपुर मेंस्थित हैं।











