CG Weather – छत्तीसगढ़ में ‘पोस्ट मानसून’ एक्टिविटी! आज 7 जिलों में येलो अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक, 30 सितंबर तक हुई बारिश को मानसून की बारिश माना जाता है, जबकि इसके बाद की बारिश को 'पोस्ट मानसून' यानी मानसून के बाद की बारिश माना जाता है। फिलहाल देश के कई हिस्सों से मानसून की वापसी शुरू हो चुकी है। छत्तीसगढ़ में आमतौर पर 5 अक्टूबर के आसपास सरगुजा की तरफ से मानसून लौटना शुरू होता है, लेकिन इस बार वापसी में देरी हो सकती है।

CG Weather/ रायपुर समेत छत्तीसगढ़ में आज रविवार को भी कई इलाकों में सुबह 10 बजे के बाद तेज बारिश देखी गई, जबकि कुछ हिस्सों में धूप छाई रही। मौसम विभाग के अनुसार, आज से पूरे प्रदेश में बारिश की तीव्रता कम होने का अनुमान है, लेकिन सात जिलों में बिजली चमकने, बादल गरजने और आंधी चलने का येलो अलर्ट जारी किया गया है
CG Weather/मौसम विभाग ने जिन जिलों में आज हल्की बारिश, आंधी और गर्जन की आशंका जताई है, वे हैं येलो अलर्ट वाले जिले राजनांदगांव, महासमुंद, गरियाबंद, धमतरी, कांकेर, नारायणपुर और बीजापुर।बाकी जिलों में मौसम सामान्य रहने की संभावना है
CG Weather/मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बार छत्तीसगढ़ से मानसून की विदाई में देरी हो सकती है।छत्तीसगढ़ में आमतौर पर 5 अक्टूबर के आसपास सरगुजा की तरफ से मानसून लौटना शुरू हो जाता है। इस बार मानसून करीब 15 अक्टूबर के बाद लौटेगा, यानी सामान्य से लगभग 10 दिन देरी से विदाई होगी। मौसम विभाग के मुताबिक, 30 सितंबर तक हुई बारिश को मानसून की बारिश माना जाता है, जबकि इसके बाद की बारिश को ‘पोस्ट मानसून’ यानी मानसून के बाद की बारिश माना जाता है।
राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ और जलभराव के बीच नागरिकों के संघर्ष की दिल छू लेने वाली खबरें सामने आईं:धमतरी जिले के जोरातराई गांव में महानदी पार कर पूजा के लिए गए 65 वर्षीय पुजारी बाढ़ के कारण एक टापू पर फंस गए थे। लगभग 8 घंटे बाद रेस्क्यू टीम ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।
गरियाबंद जिले में प्रसव पीड़ा से जूझ रही 24 वर्षीय पिंकी नेताम को परिजन एम्बुलेंस न मिलने पर खाट पर बांधकर अमाड़ नदी पार कराकर देवभोग के स्वास्थ्य केंद्र ले गए। सुरक्षा के लिहाज से महिला को खाट से बांधा गया था, ताकि नदी पार करते समय वह गिरे नहीं।
प्रदेश में अब तक 1167.4 मिमी औसत बारिश दर्ज की गई है। बेमेतरा जिले में अब तक केवल 524.5 मिमी पानी बरसा है, जो सामान्य से 50% कम है।बलरामपुर में 1520.9 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से 52% ज्यादा है।दुर्ग में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री और सबसे कम न्यूनतम तापमान 20.6 डिग्री दर्ज किया गया है।











