एलपीजी सिलेंडर बुकिंग के नियम में बदलाव, ग्रामीण क्षेत्रों में अब 45 दिन बाद ही होगी दूसरी बुकिंग

घरेलू एलपीजी गैस की सप्लाई को सुचारु बनाए रखने के लिए सरकार ने सिलेंडर बुकिंग से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। नए नियम के तहत अब ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ता एक बार सिलेंडर लेने के बाद अगली बुकिंग 45 दिन बाद ही कर सकेंगे। सरकार का कहना है कि यह कदम गैस की आपूर्ति को संतुलित रखने और जमाखोरी रोकने के लिए उठाया गया है।
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संसद में जानकारी देते हुए बताया कि ग्रामीण इलाकों में सिलेंडर की अगली बुकिंग के लिए 45 दिन का अंतर तय किया गया है। वहीं शहरी क्षेत्रों में यह अवधि 25 दिन कर दी गई है। पहले शहरों में यह समय 21 दिन था, जिसे हाल ही में बढ़ाया गया है।
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार कुछ समय से कई उपभोक्ता कम समय के अंतराल में बार-बार सिलेंडर बुक कर रहे थे। जहां पहले एक घरेलू उपभोक्ता लगभग 55 दिन में एक बार सिलेंडर बुक करता था, वहीं अब कई लोग 15 दिन के भीतर ही दोबारा बुकिंग करने लगे थे। इससे गैस सप्लाई पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा था।
सरकार का कहना है कि देश में एलपीजी की नियमित आपूर्ति बनाए रखना प्राथमिकता है। भारत अपनी कुल एलपीजी जरूरत का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है और इसका करीब 90 प्रतिशत हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते देश तक पहुंचता है। ऐसे में अगर अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण आपूर्ति प्रभावित होती है तो सबसे पहले घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरतें पूरी करना जरूरी हो जाता है।
इसी वजह से कुछ औद्योगिक और व्यावसायिक क्षेत्रों को मिलने वाली एलपीजी और एलएनजी की आपूर्ति में थोड़ी कटौती की गई है, ताकि देश के 33 करोड़ से अधिक घरों तक रसोई गैस की नियमित सप्लाई जारी रखी जा सके।
सरकार ने लोगों से अपील की है कि गैस की कमी की खबरों से घबराकर जल्दबाजी में सिलेंडर बुकिंग न करें। मंत्रालय के अनुसार घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए फिलहाल पर्याप्त एलपीजी स्टॉक उपलब्ध है। साथ ही देश की रिफाइनरी कंपनियों ने एलपीजी उत्पादन में लगभग 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की है और जरूरत पड़ने पर अन्य देशों से ऊर्जा आपूर्ति के विकल्प भी तैयार किए गए हैं।











