फेसबुक फ्रेंड बनकर अकाउंटेंट से 16 लाख की ठगी: क्रिप्टोकरेंसी में निवेश पर मोटे मुनाफे का झांसा, 10 किश्तों में ट्रांसफर कराए रुपए

राजधानी रायपुर में क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर एक अकाउंटेंट से 16 लाख रुपए की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती कर मोटे मुनाफे का लालच दिया और अलग-अलग किश्तों में रकम ट्रांसफर करा ली। मामला विधानसभा थाना क्षेत्र का है।

फेसबुक से शुरू हुई बातचीत, निवेश का दिया लालच

पीड़ित शंकर बोस सड्डू स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रहते हैं और महालेखाकार कार्यालय में अकाउंटेंट हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि फरवरी 2026 में फेसबुक पर काव्या चौधरी नाम की युवती की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई थी। बातचीत बढ़ने के बाद युवती ने खुद को क्रिप्टोकरेंसी निवेश की एक्सपर्ट बताया और कम समय में अधिक मुनाफा कमाने का भरोसा दिलाया।

कुछ दिनों बाद पीड़ित को व्हाट्सएप के जरिए हर्षद करवा नामक व्यक्ति से जोड़ा गया। आरोपी ने उन्हें एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर निवेश करने की सलाह दी। शुरुआत में छोटी रकम पर लाभ दिखाकर भरोसा जीता गया, जिसके बाद लगातार अलग-अलग शुल्कों के नाम पर पैसे जमा कराए गए।

10 किश्तों में ट्रांसफर कराए गए 16 लाख रुपए

पीड़ित ने 11 फरवरी से 18 मार्च 2026 के बीच आरोपियों के बताए खातों और यूपीआई आईडी पर 10 किश्तों में कुल 16 लाख 7 हजार 106 रुपए ट्रांसफर कर दिए। जब उन्होंने निवेश की राशि और मुनाफा निकालने की कोशिश की, तो आरोपियों ने अतिरिक्त शुल्क की मांग शुरू कर दी।

इसके बाद पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ। उन्होंने बताया कि आरोपियों के कहने पर कई बार बैंक से ऋण लेकर भी रकम जमा की गई, जिससे अब उन पर भारी ईएमआई का बोझ आ गया है। पीड़ित की बेटी हृदय रोग से पीड़ित है, जबकि पत्नी का भी इलाज चल रहा है।

पुलिस ने शुरू की जांच, लोगों को दी सावधानी बरतने की सलाह

शिकायत के आधार पर विधानसभा थाना पुलिस ने बीएनएस और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, यूपीआई आईडी और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की जांच कर रही है।

पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया पर मिलने वाले निवेश संबंधी प्रस्तावों से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी ऑनलाइन निवेश से पहले संबंधित प्लेटफॉर्म और व्यक्ति की विश्वसनीयता की पूरी जांच जरूर करें। साथ ही अनजान व्हाट्सएप या टेलीग्राम ग्रुप से बचने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत साइबर पुलिस को देने की सलाह दी गई है।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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