छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव: पीएम मोदी ने दिया 14260 करोड़ के विभिन्न विकास कार्यों की सौगात

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “साल 2000 में जब अटल जी ने छत्तीसगढ़ राज्य का गठन किया, तो वो निर्णय केवल प्रशासनिक नहीं था. वो निर्णय विकास की नई राह खोलने का था. वो निर्णय छत्तीसगढ़ की आत्मा को पहचान दिलाने का था. इसलिए आज जब इस भव्य विधानसभा के साथ-साथ अटल जी की प्रतिमा का भी अनावरण हुआ है, तो मन कह उठता है, अटल जी जहां भी हों, अटल जी देखिए, आपका सपना साकार हो रहा है.”
14 हजार करोड़ रुपए की विकास योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अवसर पर राज्य की 25 वर्ष की यात्रा को रेखांकित करते हुए एक ‘नए युग’ के सूर्योदय की घोषणा की. अपने उद्बोधन की शुरुआत छत्तीसगढ़ी भाषा में करते हुए, पीएम मोदी ने 25 साल पहले अटल जी की सरकार द्वारा बोए गए विकास के बीज की सराहना की, जो अब एक ‘वटवृक्ष’ बन चुका है. प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर लगभग 14 हजार करोड़ रुपए की विकास योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया. उन्होंने राज्य में कनेक्टिविटी के व्यापक विस्तार पर प्रकाश डाला, जिसमें पिछले 11 वर्षों में नेशनल हाईवे का विस्तार, और रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर जैसे शहरों को जोड़ने वाली रेल और हवाई कनेक्टिविटी में सुधार शामिल है. उन्होंने छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा के लिए पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को भी श्रेय दिया.
3 करोड़ नए घर बनाने का लक्ष्य
गरीबों को सम्मान दिलाने के अपने संकल्प को दोहराते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार हर गरीब को पक्का घर देने के लिए प्रतिबद्ध है और 3 करोड़ नए घर बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है. उन्होंने बताया कि हाल ही में साढ़े 3 लाख से अधिक परिवार नए घरों में प्रवेश कर रहे हैं, और बीते एक साल में 7 लाख घर गरीबों के लिए बनाए गए हैं. उन्होंने उज्ज्वला गैस सिलेंडर योजना की सफलता पर भी बात की, जिसने सामान्य परिवारों के लिए LPG गैस सिलेंडर के सपने को पूरा किया है.
वह दिन दूर नही जब देश माओवाद से मुक्त होगा
माओवाद और नक्सलवाद को राज्य के विकास में सबसे बड़ी बाधा बताते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने 50-55 साल तक इसका कष्ट झेला है. उन्होंने कहा कि 11 साल पहले जहां देश के सवा सौ जिले माओवाद से प्रभावित थे, वहीं आज सिर्फ 3 जिले बचे हैं. पीएम ने दृढ़ता से कहा कि वह दिन दूर नहीं जब देश का हर कोना माओवाद से मुक्त होगा.
उन्होंने बस्तर में हो रहे ‘बस्तर पांडुम’ और ‘बस्तर ओलंपिक’ जैसे सकारात्मक कार्यक्रमों का उल्लेख किया, जो हिंसा के रास्ते से लौटे युवाओं के समर्पण का परिणाम हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने अंत में कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए आने वाला वक्त महत्वपूर्ण है, और “मोदी की गारंटी” के तहत युवाओं के हर संकल्प और कदम के साथ सरकार खड़ी है.











