चीन का रिसर्च जहाज USS लिंकन के पास सक्रिय, अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ा

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच चीन का एक रिसर्च जहाज दायांग यीहाओ अरब सागर में देखा गया। यह जहाज अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन के आसपास सर्वे कर रहा था और ईरान के तट से लगभग 320 किलोमीटर दूर सक्रिय पाया गया। शिप ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, दायांग यीहाओ 19 दिसंबर से भारत के पश्चिम में अरब सागर क्षेत्र में सर्वे कर रहा है।
यह चीन का पहला आधुनिक समुद्री वैज्ञानिक रिसर्च जहाज है, जिसमें समुद्र की गहराई और सतह के नीचे की बनावट को रियल टाइम में मैप करने की एडवांस तकनीक लगी है। यह जहाज समुद्र में असामान्य आवाज़ों की निगरानी कर सकता है और इसमें सैटेलाइट कम्युनिकेशन तथा वायरलेस इंटरनेट की सुविधा भी है।
ओपन सोर्स इंटेलिजेंस के अनुसार, यह जहाज अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर के पास समुद्री इलाके में कार्यरत था। 27 जनवरी के बाद यह जहाज ईरान के तट से लगभग 171 नॉटिकल मील यानी 320 किलोमीटर दूर दक्षिण में चला गया।
इस बीच अमेरिका ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम और प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई को लेकर चिंता जताई और हमले की चेतावनी भी दी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर USS अब्राहम लिंकन को मिडिल ईस्ट भेजा गया था। तनाव बढ़ने के बीच ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में दो दिन का लाइव फायर नौसैनिक अभ्यास करने की घोषणा की है, जो विश्व तेल आपूर्ति का लगभग 20% प्रदान करता है।
चीन ने इस मामले में संतुलित रुख अपनाया है। विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि चीन बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने का समर्थन करता है। चीन और ईरान ने 2016 में रणनीतिक साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें रक्षा सहयोग बढ़ाने पर सहमति हुई थी।











