सरकारी दफ्तरों में स्वच्छता और लंबित मामलों का होगा त्वरित निपटारा
भोपाल।मध्य प्रदेश के सरकारी कार्यालयों में आज (2 अक्टूबर, गांधी जयंती) से एक महत्वपूर्ण विशेष अभियान शुरू किया गया है।
यह अभियान 31 अक्टूबर तक चलेगा और इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी कामकाज में स्वच्छता और पारदर्शिता को संस्थागत रूप देना, साथ ही लंबित मामलों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करना है।
अभियान के मुख्य लक्ष्य
केंद्र सरकार के प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग के दिशानिर्देशों के तहत यह अभियान ‘स्पेशल कैम्पेन 5.0’ के रूप में संचालित हो रहा है। लोक सेवा प्रबंधन विभाग को इसकी मॉनिटरिंग के लिए नोडल विभाग बनाया गया है।
इस अभियान के प्रमुख लक्ष्य निम्नलिखित हैं:
त्वरित निपटारा: सरकारी कार्यालयों में लंबित प्रकरणों, फाइलों और अपीलों का पारदर्शी और त्वरित निपटारा करना।
स्वच्छता: कार्यालय परिसरों में स्वच्छता, अनावश्यक वस्तुओं का निस्तारण और ई-कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन करना।
जवाबदेही: अधिकारी-कर्मचारियों में सेवा भाव और जवाबदेही को मजबूत करना, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ अधिकतम लोगों तक सुगमता से पहुंच सके।
जागरूकता: यातायात, सड़क सुरक्षा, साइबर अपराध और सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों के प्रति बच्चों को जागरूक करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित करना।
अभियान की प्रमुख गतिविधियां
इस एक महीने के दौरान सरकारी कार्यालयों में विशेष रूप से इन गतिविधियों पर ध्यान दिया जाएगा। सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा। विधानसभा प्रश्न, आश्वासन, शून्य काल, लोक लेखा समिति प्रकरण, मुख्यमंत्री मॉनिट और मुख्य सचिव मॉनिट से संबंधित मामलों का त्वरित निराकरण करना।
शासन के निर्देशों के अनुसार, पुराने रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण और विनिष्टिकरण किया जाएगा। मध्य प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम के माध्यम से ई-कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण सुनिश्चित करना।
कार्यालयों में स्वच्छ वातावरण, वेटिंग एरिया, पीने के पानी की सुविधा और अन्य जनसुविधाओं को मजबूत किया जाएगा।
अभियान के अंत में, 1 नवंबर को इसका मूल्यांकन किया जाएगा, और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कार्यालयों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए जाएंगे।







