कल से फिर बढ़ेगी ठंड, 3° तक गिरेगा तापमान:कहीं-कहीं बारिश होगी, कोहरा छाएगा, अंबिकापुर में 22 दिन में ठंड से दूसरी मौत

छत्तीसगढ़ में अगले 24 घंटे के दौरान रात का तापमान 2 से 3 डिग्री तक गिर सकता है, जिससे ठंड और बढ़ेगी। वहीं, वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और कोहरा छाने की संभावना भी है।

उत्तर प्रदेश और उसके आसपास के इलाकों में बने साइक्लोन सर्कुलेशन के असर से छत्तीसगढ़ के कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी हो सकती है। पिछले 24 घंटों की बात करें तो प्रदेश में सबसे अधिक तापमान 29.8°C जगदलपुर में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 08.4°C अंबिकापुर में दर्ज किया गया।

इस बीच, अंबिकापुर से लगे श्रीगढ़ में नए साल की रात एक बुजुर्ग की ठंड से मौत हो गई। उनका शव पैरावट में अकड़ा हुआ मिला। कम कपड़ों में खुले में सो जाने के कारण वह हाइपोथर्मिया की चपेट में आ गए।

अंबिकापुर में यह ठंड से मौत का दूसरा मामला है। इससे पहले, 11 दिसंबर की रात अंबिकापुर बस स्टैंड में खुले में सोए एक व्यक्ति की भी ठंड से मौत हो गई थी।

बच्चों पर पड़ रहा ठंड का असर

कड़ाके की ठंड का असर बच्चों की सेहत पर भी पड़ रहा है। बीते एक महीने में रायपुर के अंबेडकर समेत निजी अस्पतालों में हाइपोथर्मिया के 400 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञों के मुताबिक, बच्चों का शरीर वयस्कों की तुलना में जल्दी ठंडा होता है।

नवजातों की मांसपेशियां कम विकसित होती हैं, जिससे वे ठंड सहन नहीं कर पाते। वहीं, सीजेरियन डिलीवरी से जन्मे शिशुओं में हाइपोथर्मिया का खतरा और बढ़ जाता है।

NICU और SNCU तक पहुंच रहे मामले

डॉक्टरों के अनुसार, पर्याप्त सावधानी नहीं बरतने पर बच्चों को एनआईसीयू (NICU) और एसएनसीयू (SNCU) में भर्ती कर इलाज करना पड़ रहा है। नवजात का शरीर अचानक ठंडा पड़ जाना या तापमान सामान्य से कम हो जाना हाइपोथर्मिया का प्रमुख लक्षण है।

OPD में मरीजों की भीड़

ठंड के चलते अस्पतालों की ओपीडी में वायरल फीवर, सर्दी-खांसी के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अंबेडकर अस्पताल में मेडिसिन, पीडियाट्रिक और चेस्ट विभाग में 600 से ज्यादा मरीज सामने आए हैं। रोजाना 2000 से अधिक मरीजों का इलाज ओपीडी में किया जा रहा है।