कर्नल सोफिया कुरैशी मामले में राज्यपाल से मिले कांग्रेस नेता, मंत्री विजय शाह पर केस चलाने की मांग

कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी के मामले में एक बड़ी खबर सामने आई है. मध्य प्रदेश सरकार और राज्यपाल ने मंत्री विजय शाह पर केस चलाने की अनुमति नहीं दी. इसके बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं ने राज्यपाल से मुलाकात की.

उमंग सिंघार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि राज्यपाल ने आश्वासन दिया है कि वो मंत्री पर केस चलाने के फैसले को लेकर पुनर्विचार करेंगे. पिछली कैबिनेट की बैठक में सरकार ने मंत्री पर केस न चलने का फैसला किया था. वहीं, कल यानी सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सरकार का पक्ष रखते हुए वकील ने कहा था कि फैसला अभी लंबित है, फाइल राज्यपाल के पास है. राज्यपाल ने भी मंत्री विजय शाह पर अभियोजन की मंजूरी नहीं दी थी.

मंत्री विजय शाह पर नहीं चलेगा केस!

मंत्री विजय शाह पर मुकदमा चलाने के लिए राज्यपाल की मंजूरी का इंतजार था लेकिन खबर है कि राज्य सरकार ने इसकी मंजूरी नहीं दी है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि वह राज्यपाल के फैसले में सीधा दखल नहीं देगा, बल्कि उनके निर्णय का इंतजार करेगा. कोर्ट ने कहा था कि अगर मंजूरी मिलती है तो चार्जशीट दाखिल होगी और अगर मंजूरी नहीं मिलती तो जांच एजेंसी क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करेगी.

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, यह पूरा विवाद मई 2025 का है. भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का बदला लेने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया था. मीडिया ब्रीफिंग करने वाले अधिकारियों में कर्नल सोफिया कुरैशी भी शामिल थीं. मंत्री विजय शाह ने एक सार्वजनिक मंच से भाषण देते हुए बीजेपी कर्नल सोफिया कुरैशी पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘आतंकवादियों की बहन’ कह दिया था.

उनकी इस टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया था. कोर्ट ने मंत्री के खिलाफ पुलिस को तुरंत FIR दर्ज करने का आदेश दिया था. मंत्री विजय शाह ने हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे. सुप्रीम कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक तो लगा दी, लेकिन मंत्री के आचरण पर कड़ी नाराजगी जताई. इसके बाद मामले की निष्पक्ष जांच के लिए SIT का गठन किया गया.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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