यूपी में महंगी हुई जमीन, बरेली में 50% तक तो मुरादाबाद में 12% तक बढ़े दाम

उत्तर प्रदेश में जमीन खरीदना अब और महंगा होने जा रहा है. बरेली में नए सर्किल रेट लागू होने के बाद कई इलाकों में जमीन के दाम 50% तक बढ़ गए हैं, जबकि मुरादाबाद में औसतन 12% की बढ़ोतरी हुई है. वहीं नोएडा में अथॉरिटी की जमीन की अलॉटमेंट रेट पहले ही 11% तक बढ़ चुकी हैं. लखनऊ, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा में भी जमीन के रेट बढ़ने की तैयारी है. ऐसे में आने वाले समय में प्लॉट, मकान और जमीन की रजिस्ट्री पर लोगों को पहले से ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ सकता है. आइए आपको बडे़े शहरों में दाम कितने बढ़े हैं और आगे बढ़ने की संभावना कितनी है उसके बारे में बताते हैं.
बरेली में 50% तक बढ़े सर्किल रेट
बरेली में जमीन और प्रॉपर्टी के नए सर्किल रेट मंगलवार यानी 1 सितंबर 2026 से लागू हो गए हैं. इलाके की अहमियत, जमीन के इस्तेमाल, मार्केट रेट और बढ़ती रिहायशी-कमर्शियल एक्टिविटी को देखते हुए ज्यादातर जगहों पर 5 से 20% तक बढ़ोतरी हुई है, जबकि कुछ इलाकों में रेट 50% तक बढ़े हैं. इसका सीधा असर जमीन, मकान और कमर्शियल प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री पर पड़ेगा. पीलीभीत बाइपास, डोहरा रोड और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए चुने गए गांवों में खेती की जमीन के रेट सबसे ज्यादा बढ़े हैं. डोहरा और नवादा जोगियान में सर्किल रेट 33 हजार से बढ़कर 39 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर हो गया है. वहीं, इटौआ बेनीराम, लालपुर और चंदपुर बिचपुरी में यह रेट 26 हजार से बढ़कर 39 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर हो गया है. नई दरें लागू करने से पहले 193 आपत्तियों का निपटारा किया गया.
मुरादाबाद में औसतन 12% महंगी हुई जमीन
मुरादाबाद में भी नए सर्किल रेट लागू हो गए हैं. जिले में औसतन 12% की बढ़ोतरी की गई है. हालांकि, हाईवे के किनारे खेती की जमीन खरीदने वालों के लिए नियमों में बदलाव किया गया है. अब 600 मीटर से ज्यादा दूरी पर जमीन खरीदने की स्थिति में अकृषक रेट के बजाय कृषक रेट पर रजिस्ट्री कराई जा सकेगी, जिसमें 50% की अतिरिक्त बढ़ोतरी लागू होगी. खास बात यह है कि लगातार दूसरे साल कमर्शियल और कंस्ट्रक्शन रेट में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है. आपत्तियों के निपटारे के बाद नई रेट लिस्ट को फाइनल मंजूरी दी गई है.
नोएडा में 11% तक बढ़ चुके हैं जमीन के रेट
नोएडा में मई 2026 से जमीन खरीदना महंगा हो चुका है. नोएडा अथॉरिटी ने अलग-अलग कैटेगरी में जमीन की अलॉटमेंट रेट में अधिकतम 11% तक बढ़ोतरी की है. रिहायशी जमीन में ए कैटेगरी की दर 1,32,860 रुपये से बढ़कर 1,47,480 रुपये प्रति वर्गमीटर हो गई है.
इसी तरह बी कैटेगरी में रेट 92,620 से बढ़कर 1,02,810 रुपये, सी में 67,440 से 74,860 रुपये, डी में 56,370 से 62,570 रुपये और ई कैटेगरी में 51 हजार से बढ़कर 56,610 रुपये प्रति वर्गमीटर हो गया है. ग्रुप हाउसिंग और इंडस्ट्रियल जमीन की अलॉटमेंट रेट में भी 11% तक की बढ़ोतरी हुई है.
गाजियाबाद में 50 गज का प्लॉट कितने का?
गाजियाबाद में बढ़ती डिमांड और जमीन से जुड़े खर्च बढ़ने के कारण छोटे प्लॉट भी महंगे हो गए हैं. 99acres के डेटा के मुताबिक, अलग-अलग इलाकों में 50 गज यानी करीब 45 वर्गमीटर के प्लॉट की कीमत लगभग 35 लाख से 50 लाख रुपये या उससे ज्यादा तक पहुंच रही है. वहीं, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की कुछ योजनाओं में 40 वर्गमीटर के छोटे प्लॉट की शुरुआती कीमत करीब 14 लाख रुपये है. शहर में पिछले दो साल से सर्किल रेट में बढ़ोतरी नहीं हुई है, लेकिन 2026 के लिए नए रेट का सर्वे चल रहा है. ऐसे में आगे जमीन की सरकारी दरों में बदलाव हो सकता है.
लखनऊ में 17% तक बढ़ सकते हैं सर्किल रेट
राजधानी लखनऊ में प्रस्तावित सर्किल रेट में करीब 17% तक बढ़ोतरी की बात सामने आई है. मैजिकब्रिक्स के डेटा के मुताबिक, बाहरी इलाकों में रेट करीब 14 हजार से बढ़कर 16,400 रुपये प्रति वर्गमीटर हो सकता है. सुल्तानपुर रोड-शहीद पथ पर यह रेट 25 हजार से बढ़कर करीब 29,300 रुपये और सीतापुर रोड पर 39 हजार से करीब 45,700 रुपये प्रति वर्गमीटर हो सकता है. गोमती नगर के प्रमुख इलाकों में रेट करीब 40 हजार से बढ़कर 46,800 रुपये तक पहुंचने का अनुमान है. वहीं, हजरतगंज-कालीदास मार्ग जैसे महंगे इलाके में यह 76 हजार से बढ़कर करीब 89 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर हो सकता है.
ग्रेटर नोएडा में 25% तक बढ़ सकते हैं रेट
ग्रेटर नोएडा में प्रॉपर्टी के रेट करीब 25% तक बढ़ने की संभावना है. इसका सबसे ज्यादा असर जेवर एयरपोर्ट के आसपास की खेती की जमीन पर पड़ सकता है. यहां जमीन के सर्किल रेट में करीब 70% तक बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है. एयरपोर्ट और उससे जुड़े इंफ्रा प्रोजेक्ट्स की वजह से इस इलाके में जमीन की डिमांड तेजी से बढ़ी है. वहीं, नोएडा के सेक्टर 14A, 15A और 44 जैसे प्रीमियम इलाकों में भी रेट बढ़ने की संभावना है. मौजूदा 1.03 लाख से 1.2 लाख रुपये प्रति वर्गमीटर की दर बढ़कर करीब 1.2 लाख से 1.4 लाख रुपये तक पहुंच सकती है.
पूरे यूपी में कितना और बढ़ सकता है जमीन का भाव?
उत्तर प्रदेश में करीब नौ साल बाद सर्किल रेट में बड़े बदलाव की तैयारी है. स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट ने 1 अप्रैल 2026 से नए सर्किल रेट लागू करने की प्रोसेस शुरू की थी, लेकिन इसे कई बार टाला गया और अगस्त तक मामला रिव्यू में रहा. प्रस्तावित बदलाव में अलग-अलग इलाकों और जमीन की कैटेगरी के हिसाब से 20 से 70% तक बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है. इसका असर खास तौर पर हाई-राइज अपार्टमेंट, खेती की जमीन और तेजी से डेवलप हो रहे इलाकों पर पड़ सकता है. हाई-राइज अपार्टमेंट के रेट में करीब 20% तक बढ़ोतरी की संभावना है. साथ ही कंस्ट्रक्शन रेट में करीब 30% तक बढ़ोतरी होने की बात सामने आई है. अगर नए सर्किल रेट लागू होते हैं तो जमीन की कीमत के साथ रजिस्ट्री और प्रॉपर्टी खरीदने की कुल लागत भी बढ़ सकती है.











