रीवा में भ्रष्टाचार का भंडाफोड़: नाले की रेत से बन रही थी सड़क, जनपद CEO ने रुकवाया काम

रीवा: जिले के सिरमौर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत सदाहना में भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला आज दोपहर सामने आया है. जहाँ विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग और घटिया निर्माण सामग्री का खेल धड़ल्ले से चल रहा था. ग्रामीणों की शिकायत पर जब जनपद सीईओ हरिश्चंद्र द्विवेदी स्वयं मौके पर निरीक्षण करने पहुँचे, तो धांधली की पुष्टि हुई. सीईओ ने तत्काल प्रभाव से निर्माण कार्य रुकवाते हुए सामग्री को रिजेक्ट कर दिया और संबंधित अधिकारियों को नोटिस थमा दिया है.
मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत में लगभग 6 लाख रुपये की लागत से पीसीसी सड़क का निर्माण होना था. इसके लिए जो रेत मौके पर गिराई गई थी, वह नाले की काली मिट्टी युक्त रेत थी. वार्ड पंच मनोज पांडे ने इसकी शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों से की थी. निरीक्षण के दौरान जनपद सीईओ ने पाया कि बालू पूरी तरह से अमानक है और निर्माण के योग्य नहीं है.
भ्रष्टाचार का आलम यह है कि सड़क का काम ठीक से शुरू भी नहीं हुआ और करीब 90 हजार रुपये की राशि निकाल ली गई. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि 37.50 लाख की लागत से बनने वाले अटल पंचायत भवन के लिए 6 लाख रुपये आहरित कर लिए गए, लेकिन मौके पर महीने भर से सिर्फ गड्ढे खुदे पड़े हैं. डकवेल के नाम पर भी करीब 1.50 लाख रुपये की निकासी की गई, लेकिन काम आधा-अधूरा है.
सीईओ हरिश्चंद्र द्विवेदी ने बताया कि “यह प्रथम दृष्टया उपयंत्री और सचिव की गंभीर लापरवाही है. नाले की बालू से निर्माण कराना स्वीकार्य नहीं है. मैंने काम रुकवा दिया है और संबंधितों को शो-कॉज नोटिस जारी किया है. जांच के बाद कठोर कार्रवाई और रिकवरी की जाएगी.”
ग्रामीणों और पंचों का आरोप है कि सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक मिलकर पंचायत की विकास राशि का गबन कर रहे हैं. शिकायतकर्ता ने इसे ‘सफेदपोश डकैती’ करार देते हुए लोकायुक्त और जिला कलेक्टर से भी निष्पक्ष जांच की मांग की है. फिलहाल, जनपद सीईओ के कड़े रुख से पंचायत प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है.











