संपत्ति रजिस्ट्री में गड़बड़ी पर शिकंजा, 452 लोगों को नोटिस; 14 करोड़ की स्टांप ड्यूटी वसूली की तैयारी

संपत्ति की रजिस्ट्री के दौरान गलत जानकारी देकर स्टांप शुल्क की चोरी करने वालों के खिलाफ पंजीयन विभाग ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। वर्ष 2014-15 से 2025-26 तक हुई रजिस्ट्रियों की जांच में कई अनियमितताएं सामने आई हैं। रायपुर जिले में अब तक 452 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं, जिन पर 14 करोड़ रुपए से अधिक की स्टांप ड्यूटी चोरी करने का आरोप है।
जांच में सामने आईं कई तरह की अनियमितताएं
पंजीयन विभाग द्वारा तैयार की जा रही नई ऑडिट रिपोर्ट में कई मामलों में जमीन, मकान, बंगले, फ्लैट और फार्म हाउस की गलत जानकारी दिए जाने का खुलासा हुआ है। जांच में पाया गया कि कुछ लोगों ने खाली प्लॉट बताकर निर्मित मकान की रजिस्ट्री कराई, तो कुछ ने जमीन का वास्तविक क्षेत्रफल कम दर्शाया। वहीं कई मामलों में बंगले के आकार, मंजिलों की संख्या और भूमि की श्रेणी तक छिपाई गई। विभाग शिकायतों और संदिग्ध रजिस्ट्रियों की विस्तृत जांच कर रहा है।
बकाया शुल्क नहीं चुकाने वालों की संपत्ति होगी नीलाम
मुख्य जिला पंजीयक कार्यालय ने सभी संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर बकाया स्टांप शुल्क जमा करने के निर्देश दिए हैं। चेतावनी दी गई है कि निर्धारित अवधि में राशि जमा नहीं करने पर संपत्ति कुर्क कर नीलामी की जाएगी। अब तक 16 लोगों की संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं। अधिकारियों के अनुसार, 20 जून के बाद भी बकाया जमा नहीं होने पर नीलामी प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी और जुर्माने सहित पूरी राशि वसूल की जाएगी।
फार्म हाउस और होटलों की भी हो रही जांच
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक फार्म हाउस और होटल से जुड़े कई मामलों में भी गड़बड़ियां मिली हैं। कुछ होटल संचालकों ने कमरों की संख्या कम दर्शाई, जबकि कई फार्म हाउस मालिकों ने व्यावसायिक निर्माण को कृषि भूमि बताकर रजिस्ट्री कराई। ऐसे मामलों का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। मुख्य जिला पंजीयक विनोज कोचे ने बताया कि स्टांप शुल्क चोरी करने वालों की पहचान लगातार की जा रही है और जहां भी गड़बड़ी मिलेगी, वहां मौके पर जाकर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।









