दिल्ली-एनसीआर की हवा में सुधार, पांच महीने बाद GRAP-1 की पाबंदियां हटाई गईं

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार होने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान के पहले चरण यानी GRAP-1 के तहत लागू पाबंदियों को हटा दिया है। आयोग ने यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्देश दिया है। यह निर्णय 16 मार्च को हुई समीक्षा बैठक में लिया गया।
पिछले कुछ दिनों से दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में एयर क्वालिटी इंडेक्स में लगातार सुधार दर्ज किया गया है। वायु गुणवत्ता बेहतर स्तर पर आने के बाद विशेषज्ञों और संबंधित एजेंसियों ने स्थिति की समीक्षा की, जिसके बाद GRAP-1 के तहत लागू सभी प्रतिबंधों को हटाने का फैसला किया गया।
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए 14 अक्टूबर 2025 को GRAP-1 लागू किया गया था। इसके तहत निर्माण कार्यों पर निगरानी, धूल नियंत्रण के उपाय, कूड़ा और पत्तियां जलाने पर सख्ती तथा औद्योगिक इकाइयों के लिए विशेष दिशा-निर्देश लागू किए गए थे। इसके अलावा नगर निकायों और अन्य विभागों को भी प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए गए थे।
अब वायु गुणवत्ता में सुधार के बाद इन प्रतिबंधों को हटा दिया गया है। हालांकि आयोग ने स्पष्ट किया है कि प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े सामान्य दिशा-निर्देश और निगरानी जारी रहेगी। यदि भविष्य में वायु गुणवत्ता फिर से खराब होती है तो GRAP के तहत चरणबद्ध तरीके से पाबंदियां दोबारा लागू की जा सकती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार मौसम में बदलाव, हवा की गति बढ़ने और स्थानीय स्तर पर किए गए नियंत्रण उपायों के कारण दिल्ली-एनसीआर की हवा में सुधार देखने को मिला है। इसके बावजूद नागरिकों और उद्योगों से प्रदूषण कम करने के लिए जिम्मेदार व्यवहार अपनाने और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करने की अपील की गई है।
आयोग ने सभी संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे वायु गुणवत्ता पर लगातार नजर बनाए रखें और प्रदूषण के स्तर में किसी भी तरह की बढ़ोतरी होने पर तुरंत आवश्यक कदम उठाएं।











