इटावा: 36 घंटे में मनीष हत्याकांड का पर्दाफाश, प्रेम प्रसंग में रची गई थी साजिश

इटावा: जिले से एक दिल दहला देने वाले हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है. रेलवे ट्रैक पर मिले अज्ञात युवक के शव की गुत्थी महज 36 घंटे के भीतर सुलझाते हुए पुलिस ने इसे प्रेम प्रसंग से जुड़ी सुनियोजित हत्या करार दिया है. पूरे मामले की जानकारी बृजेश श्रीवास्तव ने प्रेस वार्ता के दौरान दी.
एसएसपी के अनुसार, 19 और 20 फरवरी 2026 की दरम्यानी रात थाना इकदिल क्षेत्र अंतर्गत रेलवे ट्रैक पर एक युवक का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया था. प्रथम दृष्टया मामला ट्रेन से कटकर मौत का प्रतीत हो रहा था, लेकिन जब जांच की परतें खुलीं तो कहानी पूरी तरह बदल गई.
मृतक की पहचान मनीष यादव के रूप में हुई, जिसकी गुमशुदगी 18 फरवरी की शाम थाना भरथना में परिजनों द्वारा दर्ज कराई गई थी. गुमशुदगी और शव मिलने की कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस ने जब तकनीकी साक्ष्य और कॉल डिटेल खंगालीं, तो हत्या की साजिश सामने आ गई.
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी अभिषेक यादव को शक था कि मनीष उसकी बहन से बातचीत करता था. इसी शक और गुस्से में उसने अपने साथियों विपिन यादव और दीपक के साथ मिलकर मनीष की हत्या की योजना बनाई. 18 फरवरी को आरोपियों ने मनीष को लिफ्ट देने के बहाने कार में बैठाया और थाना इकदिल क्षेत्र के एक सुनसान स्थान पर ले जाकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी.
इसके बाद सबूत मिटाने और पुलिस को गुमराह करने के इरादे से शव को रेलवे ट्रैक पर रख दिया गया, ताकि मामला दुर्घटना प्रतीत हो. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी दीपक को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया. वहीं मुख्य आरोपी अभिषेक यादव और विपिन यादव अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं.
एसएसपी बृजेश श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि यह एक सुनियोजित हत्या है और इसमें शामिल सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि प्रेम प्रसंग के शक में कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि शक और अहंकार किस तरह एक निर्दोष की जान ले सकता है.











