मेरे नाम से बनीं फर्जी वेबसाइट, परिवार को भेजे गए ठगी के मैसेज…’, CJI का बड़ा खुलासा

जयपुर में सीजेआई ने चौंकाने वाला खुलासा किया. उन्होंने बताया कि वह खुद साइबर ठगी का शिकार हुए हैं. ठगों ने फर्जी वेबसाइट्स व AI-डीपफेक का इस्तेमाल कर उनकी पहचान का दुरुपयोग किया. अंतरराष्ट्रीय गिरोहों से उनके परिवार को भी निशाना बनाया. उन्होंने इसे सामूहिक खतरा बताते हुए साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता और उन्नत तकनीकों से बचाव की जरूरत पर जोर दिया.
जयपुर में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी के दौरान एक बड़ा खुलासा हुआ, जिसने सभी को चौंका दिया. सीजेआई ने बताया कि वह खुद साइबर ठगी का शिकार बन चुके हैं. सम्मेलन साइबर अपराध और सुरक्षा में उन्होंने खुलासा किया कि ठगों ने उनके नाम से फर्जी वेबसाइट्स बनाईं और उनकी पहचान का दुरुपयोग किया. इतना ही नहीं, उनकी बहन और बेटी को भी उनके नाम से फर्जी मैसेज भेजे गए ताकि उन्हें जाल में फंसाया जा सके.
उन्होंने कहा, इस गिरोह के तार नाइजीरिया जैसे देशों से जुड़े हुए हैं, जो बताता है कि साइबर अपराध अब कितने संगठित और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के साथ काम कर रहे हैं. सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि आज साइबर ठग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीपफेक जैसी उन्नत तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे ठगी की पहचान करना और मुश्किल हो गया है. उन्होंने चिंता जताई कि साइबर ठगी अब किसी एक व्यक्ति का मुद्दा नहीं, बल्कि एक गंभीर सामूहिक खतरा बन चुकी है.
साइबर सुरक्षा पुराने ज्ञान का नया रूप है
सीजेआई ने इस समस्या से निपटने के लिए न्यायपालिका की कोशिशों के बारे में बात की. उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल अरेस्ट ठगी से जुड़े मामलों में उन्होंने खुद भी दखल दिया है. न्याय की चर्चा के केंद्र में साइबर सुरक्षा है. डिजिटल दौर में नुकसान बहुत तेजी से फैल सकता है. सावधानी ही सुरक्षा है. असल में साइबर सुरक्षा पुराने ज्ञान का नया रूप है.
66 लाख से ज्यादा साइबर ठगी की शिकायतें पेंडिंग
सीजेआई ने सलाह दी हमेशा जागरूक होकर काम करें. सावधानी से सुरक्षा करें. यह कभी न मानें कि जो जाना-पहचाना है वह जरूर सुरक्षित ही होगा. देशभर में 66 लाख से ज्यादा साइबर ठगी की शिकायतें पेंडिंग हैं. यह बहुत बड़ी समस्या है. पूरी दुनिया को इस पर ध्यान देने की जरूरत है. हर दूसरे पता चलता है कि उनके नाम से एक नई वेबसाइट बनाई गई है.

इससे निपटने में हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे
उन्होंने कहा, एक दिन मेरी बहन और बेटी को मेरे नाम से बनी साइट से मैसेज मिला. बाद में पता चला कि ये सभी साइट नाइजीरिया से बनाई जा रही हैं. इस खतरे को देश से खत्म करने में न्यायपालिका जो भी कर सकती है, हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे.

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