घोघरा डेम में हाथी के शावक की मौत: पानी में उतरे दल के बाद वन विभाग अलर्ट

जंगल क्षेत्र में विचरण कर रहे हाथियों के एक बड़े दल के बीच एक शावक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वन विभाग की प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि डेम में उतरने के दौरान शावक की डूबने से मौत हुई है। घटना के बाद वन विभाग और विशेषज्ञ टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
डेम में उतरा था हाथियों का दल
जानकारी के अनुसार 7 मई को करीब 20 हाथियों का दल बोजिया परिसर के कक्ष क्रमांक 516 आरएफ में विचरण कर रहा था। शाम के समय यह दल सिंघीझाप परिसर के कक्ष क्रमांक 502 आरएफ की ओर बढ़ा। देर रात दल घरघोड़ा परिक्षेत्र से लौटकर घोघरा डेम के पानी में उतरा।
वन विभाग का मानना है कि इसी दौरान एक शावक की डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद हाथियों का अधिकांश दल लोटान क्षेत्र की ओर चला गया, जबकि पांच हाथी उसी इलाके में रुके रहे। इनमें एक नर, तीन मादा और एक शावक शामिल थे।
गश्त के दौरान मिला मृत शावक
अगले दिन नियमित गश्त के दौरान हाथी ट्रैकर्स ने घोघरा डेम में शावक को मृत अवस्था में देखा। सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की तीन सदस्यीय टीम को बुलाया गया। टीम में डॉ. आशीष राठिया, डॉ. विवेक नायक और डॉ. अनिल कुमार सिंह शामिल रहे। उनकी मौजूदगी में मृत शावक का पोस्टमार्टम कराया गया।
वैज्ञानिक जांच के लिए भेजे जाएंगे नमूने
मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम के बाद विषरा के नमूने सुरक्षित किए गए हैं। इन्हें जांच के लिए इंडियन वेटनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट, इज्जतनगर बरेली और नानाजी देशमुख वेटनरी साइंस यूनिवर्सिटी, जबलपुर भेजा जाएगा।
वन विभाग का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही शावक की मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी। फिलहाल हाथियों के मूवमेंट पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।











