अहमदाबाद के GCRI ने 26,000 से अधिक कैंसर मरीजों को दिया नया जीवन

अहमदाबाद स्थित गुजरात कैंसर एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (GCRI) ने कैंसर उपचार, अनुसंधान, रोकथाम और प्रारंभिक पहचान के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विश्वसनीयता साबित की है। विश्व कैंसर दिवस 2026 के अवसर पर यह संस्थान 10 वर्ष से अधिक समय से कैंसर-मुक्त 500 सर्वाइवर्स के लिए विशेष सम्मान समारोह आयोजित करेगा।
2025 में GCRI में 26,810 से अधिक नए कैंसर मरीजों का पंजीकरण हुआ, जिनमें से 9,147 मरीज गुजरात के बाहर के राज्यों जैसे मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और बिहार से आए। यह आंकड़े इस बात का संकेत देते हैं कि GCRI अब देश के लगभग सभी राज्यों से आने वाले मरीजों के लिए एक राष्ट्रीय रेफरल सेंटर बन चुका है।
GCRI ने रोबोटिक सर्जरी और HIPEC जैसी अत्याधुनिक तकनीकों के माध्यम से सर्जिकल ऑन्कोलॉजी में क्रांतिकारी कदम उठाए हैं। केवल छह महीनों में यहाँ 50 रोबोटिक असिस्टेड कैंसर सर्जरी और पिछले तीन सालों में 40 HIPEC प्रक्रियाएँ सफलतापूर्वक की गईं। PET-CT स्कैन जैसी उन्नत जांच तकनीक से कैंसर की पहचान और उपचार और सटीक हुआ है।
2025 में GCRI में 2.59 लाख से अधिक OPD विज़िट्स, 17,800 से अधिक सर्जरीज़, 50,130 कीमोथेरेपीज़, 5,852 रेडिएशन ट्रीटमेंट और 24.6 लाख से अधिक लैब जाँचें हुईं। कैंसर की रोकथाम और प्रारंभिक पहचान को बढ़ावा देने के लिए 110 सामुदायिक स्क्रीनिंग कैंप आयोजित किए गए, जिनमें 12,000 से अधिक लोग शामिल हुए। नो-कॉस्ट कैंसर स्क्रीनिंग OPD में अब तक 50,000 से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग हो चुकी है, जिनमें 118 कैंसर मामले प्रारंभिक अवस्था में पकड़े गए।
इसके अलावा, HIV संक्रमित महिलाओं के लिए HPV DNA स्क्रीनिंग कार्यक्रम में 1,400 से अधिक महिलाओं की जांच की गई, जिनमें 21 प्रतिशत HPV पॉजिटिव पाई गईं और 57 सर्विक्स कार्सिनोमा इन-सिटू (CIN) के मामले समय रहते पहचानकर इलाज शुरू किया गया।
GCRI का यह योगदान इसे राष्ट्रीय स्तर पर कैंसर उपचार और अनुसंधान में सबसे भरोसेमंद केंद्रों में से एक बनाता है।











