दूसरी बार प्रधानमंत्री बनने की तैयारी, इटली में चुनाव का पूरा सिस्टम ही बदलने जा रही हैं जॉर्जिया मेलोनी

जॉर्जिया मेलोनी इटली में चुनाव से पहले पूरे इलेक्शन सिस्टम को बदलने की तैयारी में है. इसके लिए मेलोनी सरकार ने तैयारी भी पूरी कर ली है. जल्द ही इसकी घोषणा की जाएगी. इटली में अगले साल 2027 में आम चुनाव प्रस्तावित हैं, जिसमें आम जनता प्रधानमंत्री चुनने के लिए मतदान करेंगे. कहा जा रहा है कि मतदान को अपने पक्ष में करने के लिए मेलोनी ने चुनाव सिस्टम में बदलाव करने का फैसला किया है.

फाइनेंशियल टाइम्स के मुताबिक मेलोनी की नजर दूसरी बार प्रधानमंत्री की कुर्सी पर है. इसी को लेकर इलेक्शन सिस्टम में बदलाव की कवायद की जा रही है. यह बदलाव 53 प्रतिशत जनता के विरोध के बावजूद किया जा रहा है. इटली में विपक्षी नेताओं ने इसका विरोध किया है.

400 सीटों पर चुनाव, बहुमत के लिए 201 की जरूरत

इटली में निचली सदन और उच्च सदन को मिलाकर संसद की 400 सीटें हैं, जिन पर हर 5 साल में चुनाव कराया जाता है. सरकार बनाने के लिए 201 सीटों की जरूरत होती है. 2022 में जॉर्जिया मेलोनी की पार्टी इटली की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, जिसके बाद गठबंधन के बूते मेलोनी प्रधानमंत्री बनी थीं.

मेलोनी की कोशिश इस बार अकेले दम पर सरकार बनाने की है. इसी की तैयारी में वे काफी वक्त से जुटी हुई हैं. मेलोनी ने इसके लिए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी साध रखा है.

इटली में अब तक किस तरीके से चुनाव हो रहे थे?

– इटली की 400 सीटों को 3 पार्ट्स में बांटकर चुनाव कराए जा रहे थे. 37 प्रतिशत सीटों पर डायरेक्ट चुनाव कराए जा रहे थे. इटली में इसे पास्ट द पोस्ट इलेक्शन कहा जाता है. इस प्रक्रिया में सभी पार्टियां मैदान में उम्मीदवार उतारती है. लोग वोट देते हैं और फिर उसकी गिनती होती है. जिस उम्मीदवार को ज्यादा वोट मिलते हैं, वो जीत दर्ज करते हैं. भारत में भी इसी तरीके से चुनाव कराए जाते हैं.

– 61 प्रतिशत सीटों पर पार्टी के सिंबल के आधार पर चुनाव कराया जाता है. इटली में इस प्रक्रिया को प्रोपोर्शनल रिप्रेजेंटेश कहा जाता है. इसमें पार्टी को जितने वोट प्रतिशत मिलते हैं, उसे सीट में कन्वर्ट किया जाता है. मेलोनी चाहती हैं कि अब सभी 100 प्रतिशत सीटों पर इसी तरीके से चुनाव हो.

– 2 प्रतिशत सीटें एनआरआई के लिए रिजर्व है. इन सीटों के लिए इटली के एनआरआई ही वोट डालते हैं. आखिर में सभी सीटों को मिलाया जाता है और जो सबसे बड़ी पार्टी होती है, तो उसे सरकार बनाने के लिए आमंत्रण भेजा जाता है. इटली की मेलोनी 37 प्रतिशत वाला सिस्टम खत्म करना चाहती है.

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