टेलीग्राम पर सरकार का बड़ा एक्शन: पायरेटेड फिल्मों-वेब सीरीज पर लगाम, 15 दिन में मांगी जवाबी रिपोर्ट

नई दिल्ली। देश में तेजी से बढ़ रही डिजिटल पायरेसी पर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (I&B Ministry) ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम को नोटिस जारी कर अपने प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध सभी पायरेटेड फिल्मों, वेब सीरीज और अन्य कॉपीराइट कंटेंट को तत्काल हटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही इस संबंध में की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर सरकार को सौंपने को कहा गया है।
3,142 टेलीग्राम चैनल सरकार के रडार पर
सरकार के मुताबिक, जांच के दौरान करीब 3,142 टेलीग्राम चैनलों की पहचान की गई है, जहां कथित रूप से बिना अनुमति फिल्मों, वेब सीरीज और OTT कंटेंट का अवैध प्रसार किया जा रहा था। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ऐसे सभी चैनलों और कंटेंट पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाए।
फिल्म और OTT इंडस्ट्री को करोड़ों का नुकसान
सरकार का मानना है कि डिजिटल पायरेसी की वजह से फिल्म निर्माताओं और OTT प्लेटफॉर्म्स को हर साल भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। नई फिल्मों और वेब सीरीज के रिलीज होते ही उनका अवैध संस्करण सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर वायरल हो जाता है, जिससे कंटेंट क्रिएटर्स की आय प्रभावित होती है।
आईटी एक्ट और 2021 के नियमों के तहत कार्रवाई
यह नोटिस सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 और आईटी नियम, 2021 के तहत जारी किया गया है। सरकार ने टेलीग्राम को निर्देश दिया है कि वह न केवल अवैध कंटेंट हटाए, बल्कि भविष्य में ऐसी गतिविधियों को रोकने के लिए अपने मॉडरेशन सिस्टम और नियमों को भी और प्रभावी बनाए।
यूजरनेम फीचर भी जांच के दायरे में
डिजिटल सुरक्षा को लेकर सरकार ने एक और कदम उठाते हुए टेलीग्राम और सिग्नल से उनके यूजरनेम फीचर पर भी जवाब मांगा है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने पूछा है कि कंपनियां इस फीचर के दुरुपयोग—जैसे फर्जी अकाउंट, पहचान की चोरी और ऑनलाइन धोखाधड़ी—को रोकने के लिए क्या सुरक्षा उपाय अपनाती हैं।
ऑनलाइन पायरेसी के खिलाफ सरकार का बड़ा अभियान
सरकार की यह कार्रवाई ऑनलाइन पायरेसी पर अंकुश लगाने और फिल्म, OTT तथा डिजिटल कंटेंट उद्योग के हितों की रक्षा के लिए चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा मानी जा रही है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि कॉपीराइट कानूनों का उल्लंघन करने वाले किसी भी प्लेटफॉर्म या चैनल के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।











