यहां ‘समय देव’ के रूप में पूजे जाते हैं शिव, दिया जाता है अनोखा प्रसाद

देशभर में देवों के देव महादेव के कई प्राचीन और अनोखे मंदिर हैं, जहां भगवान शिव की पूजा की पंरपराएं भी अलग और अनोखी हैं. उत्तर प्रदेश के कानपुर में भी महादेव का एक अनोखा मंदिर है. यहां भगवान की पूजा के साथ साथ समय (घड़ी) यानी टाइम की पूजा की जाती है. भगवान शिव को यहां ‘समय देव’ के नाम से पुकारा जाता है. और उनकी पूजा की जाती है. आइए इस धार्मिक स्थल के बारे में विस्तार से जानते हैं.
शास्त्रों में भगवान शिव को काल का स्वामी माना गया है, इसलिए उनको महाकाल के रूप में जाना जाता है. यहां पर समय देव के रूप में शिव जी ही विराजमान हैं. इस मंदिर में एक छोटा सा शिवलिंग है. यहां भक्त अपने आराध्य की पूजा समय देव के रूप में करते हैं. कानपुर के नवाबगंज इलाके में एक बूढ़ा पीपल है. वहीं भगवान का ये छोटा सा मंदिर बना हुआ है.
मन्नत पूरी होने पर घड़ी चढ़ाई जाती है
मंदिर इतना छोटा है कि एक साथ 10 लोग अंदर नहीं घुस सकते हैं, लेकिन इसके बाद भी यहां भक्तों की भीड़ उमड़ती है. विशेषतौर पर जिन भक्तों की मन्नत पूरी होती है, वो यहांं अवश्य आते हैं. इस मंदिर में पूजा और प्रसाद बांटने की जो परंपरा है, वही इसको सबसे अलग बनाती है. इस मंदिर में भक्त भोग के रूप में घड़ी चढ़ाते हैं और मन्नत पूरी होने पर भी घड़ी ही चढ़ाई जाती है.
इतना ही नहीं इस मंदिर में प्रसाद के रूप में भी भक्तों को घड़ी ही दी जाती है. ऐसा इसलिए किया जाता है, क्योंकि यहां भक्तों द्वारा चढ़ाई गई घड़ियों की संख्या बहुत अधिक हो जाती है. यहां दर्शन करने वाले भक्त मानते हैं कि समय देव कष्टों को जल्दी दूर कर देते हैं. सावन के समय पर इस मंदिर में भक्तों की विशेष भीड़ लगती है. इस मंदिर की कथा बहुत रोचक बताई जाती है.
मंदिर की रोचक है कथा
मंदिर की कथा के अनुसार, एक बार कानपुर का एक व्यापारी गुजरात के समय देव मंदिर गया था. वहां उसने मन्नत मांगी थी. उसने कहा था कि अगर उसका काम बन गया तो अपने शहर में भी एक ऐसे ही मंदिर का निर्माण करवाएगा. जब उसका काम हो गया और वह कानपुर वापस आया, तो उसने समय देव के रूप में शिवलिंग की स्थापना की. बस तब से कानपुर का यह समय देव मंदिर लोकप्रिय हो गया.









