ईरान ने अमेरिका की एयर एक्सरसाइज के जवाब में फायरिंग अभ्यास किया, फारस की खाड़ी में तनाव बढ़ा

फारस की खाड़ी में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 26 जनवरी को घोषणा की थी कि अमेरिकी 9वीं वायु सेना CENTCOM क्षेत्र में कई दिनों तक हवाई सैन्य अभ्यास करेगी। इसके बाद ईरान ने 27 से 29 जनवरी के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य के पास सैन्य फायरिंग अभ्यास करने का ऐलान किया। इस दौरान पांच समुद्री मील के दायरे और समुद्र तल से 25,000 फीट तक का हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। ईरान ने कहा कि यह अभ्यास सुरक्षा और तैयारियों के उद्देश्य से किया जाएगा।
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव पिछले विरोध प्रदर्शन और वहां की हिंसा को लेकर भी बना हुआ है। ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर ईरानी शासन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा करता है तो अमेरिका कड़ी कार्रवाई करेगा। इसके जवाब में ईरान ने भी कहा कि अगर अमेरिका हमला करता है तो वह जवाबी कार्रवाई करेगा।
CENTCOM, अमेरिकी केंद्रीय कमान, मध्य पूर्व, दक्षिण एशिया और मध्य एशिया के कई हिस्सों में सक्रिय है। इसमें मिस्र, ईरान, इज़राइल और पाकिस्तान जैसे देश शामिल हैं। इस क्षेत्र में होर्मुज जलडमरूमध्य, स्वेज नहर और बाब अल मंडेब जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग भी आते हैं।
अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन भी 26 जनवरी को CENTCOM क्षेत्र में पहुंच चुका है। सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे अमेरिका के सहयोगी देशों ने स्पष्ट किया है कि वे ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई के लिए अपने हवाई क्षेत्र या लॉजिस्टिक समर्थन का उपयोग नहीं करेंगे। क्षेत्र में दोनों देशों की सैन्य गतिविधियों से अस्थिरता और बढ़ गई है।











