एआई समिट प्रदर्शन मामले में जितेंद्र यादव गिरफ्तार, पुलिस ने बरामद की एक आरोपी की कार

दिल्ली स्थित एआई समिट प्रदर्शन मामले में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर एक्शन जारी है. पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ता जितेंद्र यादव को ग्वालियर से गिरफ्तार किया है. इस दौरान पुलिस ने एक अन्य आरोपी की कार भी बरामद की है.
दिल्ली पुलिस ने एआई समिट प्रदर्शन मामले में यूथ कांग्रेस एक और कार्यकर्ता को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ता जितेंद्र यादव को ग्वालियर से पकड़ा है. साथ ही पुलिस एक आरोपी कृष्ण हरि की गाड़ी बरामद की है. कार से एक टी शर्ट और पोस्टर बरामद किया गया है. वहीं इस मामले में अब तक ये पांचवीं गिरफ्तारी है.
एआई समिट प्रदर्शन मामले में दिल्ली स्पेशल सेल और क्राइम ब्रांच पुलिस मामले की जांच कर रही है. दोनों ही एआई समिट में प्रदर्शन करने वाले यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की तलाश में लगातार छापेमारी कर रहे हैं. दिल्ली समेत एक दर्जन से ज्यादा जगहों पर छापेमारी जारी है. बताया जा रहा है कि यूथ कांग्रेस के एक दर्जन से ज्यादा नेता दिल्ली पुलिस की रडार पर हैं. पुलिस सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे प्रदर्शन के वीडियो के आधार पर प्रदर्शनकारियों की पहचान करने के बाद उनकी तलाश कर रही है. पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा.
परिजनों ने दिल्ली पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
ग्वालियर से पकड़े गए यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता जितेंद्र यादव के परिजनों ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. परिजनों का कहना है कि दिल्ली पुलिस जितेंद्र को घर से मारपीट करते हुए ले गई. जितेंद्र के पिता केशव का कहना है यह भी नहीं बताया कि उसे क्यों ले जाया जा रहा है. इसके बाद कांग्रेस के नेताओं से संपर्क किया. सुबह कांग्रेस नेताओं के साथ एसएसपी कार्यालय भी पहुंचे. यहां से भी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई. परिजनों का कहना है कि अगर वह आंदोलन में शामिल हुआ था और उस पर कोई एफआईआर थी तो यह जानकारी दी जानी चाहिए थी.
क्या है पूरा मामला?
20 फरवरी को दिल्ली के भारत मंडपम में India AI Impact Summit 2026 हुआ था. उसी दौरान दौरान यूथ कांग्रेस ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील और बेरोजगारी के मुद्दे पर शर्टलेस प्रदर्शन किया था. कार्यकर्ताओं के शरीर और टी-शर्ट पर ‘PM is Compromised’ जैसे नारे लिखे हुए थे. पुलिस की जांच में सामने आया है कि यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने समिट के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया था. वे जैकेट पहनकर अंदर घुसे, ताकि उनके नारे वाले टी-शर्ट सुरक्षा कर्मियों को न दिखें, और अंदर पहुंचते ही उन्होंने विरोध शुरू कर दिया.











