बागेश्वर सरकार के आगमन से भगवामय हुआ कोरबा—लाखों श्रद्धालुओं की उमड़ेगी भीड़

कोरबा/कटघोरा: छत्तीसगढ़ की ऊर्जा धानी कोरबा के ग्राम ढपढप (बांकीमोंगरा-कटघोरा मार्ग) में आज से एक नए आध्यात्मिक युग की शुरुआत हो रही है.विश्व प्रसिद्ध कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बागेश्वर धाम सरकार) के मुखारविंद से होने वाली ‘दिव्य श्री हनुमंत कथा‘ को लेकर समूचा क्षेत्र भगवामय हो चुका है.आयोजन की भव्यता और श्रद्धालुओं के उत्साह ने इस आयोजन को प्रदेश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में शुमार कर दिया है.

आज निकलेगी 21 हजार महिलाओं की भव्य कलश यात्रा
कथा के औपचारिक शुभारंभ से पूर्व आज का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है। ग्राम ढेलवाडीह से कथा स्थल ढपढप तक लगभग 21 हजार माता-बहनों द्वारा भव्य कलश यात्रा निकाली जा रही है.सिर पर मंगल कलश धारण किए हजारों महिलाओं की यह यात्रा क्षेत्र में भक्ति और शक्ति का नया कीर्तिमान स्थापित करेगी। इस यात्रा के स्वागत के लिए पूरे मार्ग को फूलों और स्वागत द्वारों से सजाया गया है.
शाम को पहुँचेंगे बागेश्वर सरकार, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
सूत्रों के अनुसार, प्रसिद्ध कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री आज शाम चार्टर्ड प्लेन से बिलासपुर पहुंचेंगे, जहाँ से वे सीधे कटघोरा स्थित अग्रसेन भवन प्रस्थान करेंगे। उनके आगमन को लेकर जिले भर के श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है.
सुरक्षा का ‘अभेद्य किला’ बना ढपढप
लाखों की संभावित भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। पुलिस अधीक्षक (SP) सिद्धार्थ तिवारी के नेतृत्व में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया है।
- ड्रोन से निगरानी: आयोजन स्थल और पार्किंग क्षेत्रों पर ड्रोन कैमरों से नज़र रखी जा रही है.
- अतिरिक्त बल: कटघोरा एसडीओपी, दर्री सीएसपी सहित भारी संख्या में पुलिस बल, ट्रैफिक कंट्रोल और वालंटियर्स की तैनाती की गई है.
- रूट डायवर्जन: श्रद्धालुओं की सुगमता के लिए भारी वाहनों का मार्ग परिवर्तित किया गया है.

तैयारियाँ पूर्ण: 28 मार्च से बहेगी ज्ञान की गंगा
आयोजन समिति ने जानकारी दी है कि कथा स्थल पर विशाल वाटरप्रूफ पंडाल (जर्मन हैंगर), पेयजल व्यवस्था, वीआईपी और सामान्य बैठक व्यवस्था के साथ-साथ पार्किंग के लिए व्यापक इंतजाम किए जा चुके हैं। 28 मार्च से 01 अप्रैल 2026 तक चलने वाली इस पांच दिवसीय कथा में प्रतिदिन लाखों श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद है.
“ढपढप की पावन धरा पर यह आयोजन कोरबा के इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा। प्रशासन और आयोजन समिति हर श्रद्धालु की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।”











