कोरबा: चुनाव आयोग के रोल ऑब्जर्वर और संभागायुक्त सुनील जैन पहुंचे सुतर्रा व कसनिया, SIR प्रक्रियाओं का लिया जायजा

कोरबा: चुनाव आयोग के रोल आब्जर्वर एवं संभागायुक्त सुनील जैन आज कोरबा जिले के दौरे पर हैं. उन्होंने पोंड़ी-उपरोड़ा विकासखंड के सुतर्रा व कसनिया पहुंचकर मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण के सम्बन्ध में बीएलओ और बीएलए से चर्चा की और प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी ली। इसी संबंध में वे जानकारी लेने पहुंचे थे.

बता दें कि, छत्तीसगढ़ में चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के पहले चरण का कार्य सफलतापूर्वक पूरा हो गया है. बात अगर रायपुर की करें तो 7 विधानसभाओं समेत बलौदाबाजार विधानसभा में 5 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काट दिए गए हैं, जो फर्जी, डुप्लिकेट या अप्रासंगिक एंट्रीज में थे.

रायपुर सबसे ज्यादा प्रभावित

जिले में सबसे अधिक प्रभाव देखा गया. यहां की सात विधानसभा क्षेत्र में 5 लाख 11 हजार 136 मतदाताओं के नाम हटाए गए. इनमें 23 हजार 180 अनट्रेसेबल या अनुपस्थित (untressible/absent), 3 लाख 87 हजार 330 शिफ्टेड (जिनका पता बदल गया), 14 हजार 311 पहले से एनरोल्ड (डुप्लिकेट) और 2313 अतिरिक्त नाम शामिल हैं. चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि प्रभावित मतदाता दावा-आपत्ति दाखिल कर नाम वापस जुड़वा सकते हैं, जिसकी अंतिम तारीख 31 दिसंबर है.

कोरबा में कटे कितने नाम?

इसी तरह पहले 9 लाख 51 हजार 278 मतदाता पंजीकृत थे. अब 8 लाख 17 हजार 519 मतदाता बच गए हैं. जिले के चार विधानसभा क्षेत्र में 1081 मतदान केंद्र थे. युक्तियुक्तरण के बाद 182 नए मतदान केंद्र जुड़े हैं. इसी के आधार पर बूथ लेवल अधिकारियों ने गणना पत्रक भरने का काम किया. पुनरीक्षण के बाद विभिन्न श्रेणियों में रखा गया है. जिसमें से 3 लाख 15960 को ए कैटिगरी दी गई है. जिनका नाम 2003 और 2025 में था. 4 लाख 60677 मतदाताओं का नाम 2025 की सूची में था. सी कैटेगरी में 40,882 मतदाता पाए गए हैं, जो मतदाता तो है लेकिन सूची में नाम नहीं मिला.

सबसे अधिक 57 हजार के करीब कोरबा विधानसभा से नाम काटे गए हैं. इसका एक बड़ा कारण लोगों का स्थान बदलना है. कॉलोनी क्षेत्र में रहने वाले लोग रिटायर होने के बाद दूसरे स्थान पर चले गए. उसके अलावा मृत मतदाताओं का नाम भी नहीं हटाया गया था. इस वजह से 30 हजार 613 मतदाता मृत पाए गए. जिनका नाम काट दिया गया. इनका फॉर्म ही जमा नहीं हुआ. कलेक्टर दूदावत ने बताया कि मतदाता अपने नाम की जांच ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में स्थानीय बूथ लेवल अधिकारी के पास उपलब्ध सूची से, इसीआईनेट मोबाइल एप के माध्यम से या भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर जाकर देख सकते हैं.