कोतवाली पुलिस की बड़ी कार्रवाई: लिफ्ट देकर ‘हाथ की सफाई’ से पैसे उड़ाने वाले शातिर गिरोह को दबोचा

सीधी: पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी के कुशल निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद श्रीवास्तव एवं उप पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) अमन मिश्रा के मार्गदर्शन में कोतवाली पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह को पकड़ने में सफलता हासिल की है, जो राहगीरों को मदद के बहाने गाड़ी में बैठाकर पलक झपकते ही उनकी गाढ़ी कमाई पर हाथ साफ कर देते थे. थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक अभिषेक उपाध्याय के नेतृत्व में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने की तैयारी कर ली है.
शिकायतकर्ता लालबहादुर सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 03.02.2026 को बैंक से 50,000 रुपये निकालकर जाते समय बोलेरो सवार बदमाशों ने उन्हें बस स्टैंड छोड़ने का झांसा देकर बैठाया. रास्ते में आरोपियों ने “दरवाजा ठीक से बंद नहीं है” का बहाना बनाया और गेट बंद करने के बहाने बुजुर्ग को बातों में उलझाकर बड़ी सफाई से नोट भरे बैग की चेन खोलकर 50,000 रुपये चोरी कर लिए और कुछ दूर आगे उन्हें बोलेरो से नीचे उतारकर फरार हो गए.
अपराधिक रिकॉर्ड और पूर्व का इतिहास
पुलिस जांच में यह गंभीर तथ्य सामने आया है कि पकड़े गए आरोपी आदतन अपराधी हैं. इन अपराधियों के विरुद्ध पूर्व में भी विभिन्न जिलों के अलग-अलग थानों में चोरी, लूट और झपटमारी के कई मामले दर्ज हैं. यह गिरोह रेकी कर बैंक से निकलने वाले अधिक उम्र के बुजुर्ग लोगों को निशाना बनाता था और रास्ते में झांसा देकर चोरी की वारदातों को अंजाम देता था.
गिरफ्तार आरोपी एवं जप्ती
- देवेन्द्र उर्फ लाला यादव (26 वर्ष): निवासी बाणगंगा, रीवा 2. सुधीश यादव (21 वर्ष): निवासी बाणगंगा, रीवा,3. दुर्गेश शर्मा (32 वर्ष): निवासी रामगढ़, जिला मैहर.
बरामदगी
₹33,000 नकद एवं चोरी के पैसों से खरीदा गया ₹14,000 का मोबाइल. घटना में प्रयुक्त सफेद बोलेरो (कीमती ₹12,00,000). कुल मशरूका: लगभग 12.47 लाख रुपये.
विशेष योगदान
इस गिरोह को बेनकाब करने में थाना प्रभारी निरी. अभिषेक उपाध्याय, उनि. विवेक व्दिवेदी, उनि. राजमणि अहिरवार, सउनि. विनोद त्रिपाठी, प्रआर. रणबहादुर सिंह, प्रआर. तिलकराज सिंह, प्रआर. जितेन्द्र पाठक,प्रआर. आनंद शर्मा और आर. अनुराग यादव व प्रखर पाण्डेय की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही.











